यूपी के सोनभद्र जिले में 18 साल की लड़की की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह वारदात उस समय और भी चौंकाने वाली हो गई, जब पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि लड़की के अपने माता-पिता ही शामिल थे। जिस पिता ने शुरुआत में गांव वालों पर हत्या का आरोप लगाया था, वही इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी निकला।
सोते समय गला दबाकर की हत्या
यह मामला घोरावल कोतवाली क्षेत्र के महुआंव पाण्डेय गांव का है। गांव में एक कमरे में सो रही युवती की अचानक मौत हो गई थी। सुबह जब काफी देर तक युवती बाहर नहीं आई तो परिवार वालों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर युवती अचेत अवस्था में मिली और उसके गले पर दबाव के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
घटना के बाद युवती के पिता रामलखन ने पुलिस को तहरीर दी। उसने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग उसकी बेटी को परेशान करते थे और उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या की है। पिता खुद को पीड़ित बताकर इंसाफ की गुहार लगा रहा था। पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवती की मौत गला दबाने से हुई है। धीरे-धीरे पुलिस को शक हुआ कि हत्या घर के अंदर ही की गई है।
माता-पिता निकले हत्यारे
पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि युवती की हत्या उसके अपने पिता ने की थी और मां ने उसका साथ दिया था। पुलिस के अनुसार, घटना की रात माता-पिता ने दुपट्टे से युवती का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। सूत्रों के अनुसार, बेटी अपनी जान की भीख मांगती रही, लेकिन बाप का दिल नहीं पसीजा और गला दबाकर बेटी को मार डाला। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को दूसरे घर में लिटा दिया गया।
शादी से इनकार बना हत्या की वजह
पुलिस ने बताया कि युवती आरती एक युवक बृजेश से प्यार करती थी और उसी के साथ शादी करना चाहती थी। लेकिन आरती के माता-पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। उन्होंने उसकी शादी मिर्जापुर में तय कर दी थी। आरती ने इस शादी से साफ इनकार कर दिया था, जिससे माता-पिता नाराज हो गए।
साजिश रचकर फंसाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद माता-पिता ने बृजेश और एक अन्य युवक पर हत्या का आरोप लगाने की कोशिश की, ताकि खुद बच सकें। लेकिन जांच में उनकी साजिश सामने आ गई और पूरा मामला उलट गया। पुलिस ने आरोपी पिता रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाठे और मां कृष्णावती को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।














