रायपुर। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर छत्तीसगढ़ राज्य में 26 नवंबर को राज्य कर्मचारियों की मांगों की पूर्ति के संबंध में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया गया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू ने बताया कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों ने संघ के बैनरतले अपनी आवाज बुलंद करते हुए अपनी मांगों के संबंध में राज्य शासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कराने का भागीरथी प्रयास किया।

संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू ने मांगों के संबंध में बताया कि कर्मचारियों ने 8 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया। मांगों में एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाये, श्रम कानून एवं कृषि कानून में किए गए परिवर्तन वापस लिया जाये, कोविड 19 के रोकथाम में लगे समस्त कर्मचारियों का सुरक्षा बीमा अनिवार्य रुप से किया जाये तथा सभी राज्यों में जीवन रक्षक दवाओं एवं आक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया जाये, ठेका प्रथा पर रोक लगाकर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किया जाये, अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाये, सार्वजनिक संस्थाओं एवं उपक्रमों के निजीकरण को वापस लिया जाये, समस्त राज्यों को जीएसटी सहित दिये जाने वाले राजस्व अतिशीघ्र जारी किया जाये, पांच वर्ष में वेतन निर्धारण कर पुनरीक्षित किया जाये, मूल्यवृद्धि पर नियंत्रण एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाये जैसे मांगें शामिल है। इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव के नाम मांग पत्र भी प्रेषित किया गया। हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में पदर्शनकारी मौजूद रहे।


















