नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) Mother of All Deals यानी सभी समझौतों की जननी होगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत इस समझौते को पूरा करने के लिए अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और कहा कि प्रस्तावित समझौता पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता होगा। माना जा रहा है कि आगामी 27 जनवरी को इस बारे में बड़ा ऐलान हो सकता है। यह तब होने जा रहा है, जब भारत की अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल नहीं हो पाई है और इसमें बहुत सी मुश्किलें आ रही हैं। भारत-अमेरिका संबंधों में खटास की एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर सख्त टैरिफ लगाया जाना भी है।

7 विकसित देशों के साथ FTA, यह सुपर डील

गोयल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच डील को देश के निर्यात क्षेत्रों के लिए सुपर डील बताया। उन्होंने कहा-हमने अब तक सात विकसित देशों के साथ एफटीए समझौते किए हैं। यह समझौता सभी समझौतों की जननी होगा। इसमें दुनिया की दो सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी। हमारे पास विकास की बहुत अच्छी संभावनाएं हैं।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष 27 जनवरी को आएंगे भारत

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 27 जनवरी को होने वाले 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा करेंगे। दोनों पक्षों द्वारा उसी दिन व्यापार वार्ता के निष्कर्ष की घोषणा किए जाने की संभावना है। गोयल ने कहा-मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से अपने देश के लाभ से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार काफी संतुलित है। उन्होंने कहा कि कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और डेयरी जैसे सभी संवेदनशील मुद्दों को भारत की संतुष्टि के अनुसार सुलझा लिया जाएगा।

यूरोपीय संघ के 27 देशों में सभी समर्थन में

गोयल ने कहा-पिछली सरकारें विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते करने से बहुत डरती थीं। हम पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित देशों के पास जाते हैं। हम साहसिक निर्णय लेने को तैयार हैं, और इसीलिए हमें अन्य देशों से सर्वोत्तम सौदे मिलते हैं। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के मजबूत समर्थन पर मंत्री ने कहा-पिछले कुछ महीनों में विभिन्न स्तरों पर…सभी 27 यूरोपीय संघ के देशों ने भारत-यूरोपीय संघ समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए अपनी उत्सुकता जताई है। इन 27 देशों में से एक भी देश भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी का विरोध नहीं करता है।

अमेरिका के बाद ईयू सबसे बड़ा कारोबारी पार्टनर

अगर भारत यह यूरोपीय यूनियन के साथ यह डील करने में कामयाब रहता है तो यह अमेरिका के मनमाने टैरिफ के खिलाफ बड़ा कदम होगा। जाहिर है, भारत को इस डील से यूरोपीय यूनियन के देशों के साथ मुक्त व्यापार कर पाएगा और अमेरिका पर निर्भरता घटाने में भी आसानी होगी। अभी भारत का सबसे बड़ा कारोबारी पार्टनर अमेरिका है। यूरोपीय संघ भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका 2024 में 120 बिलियन यूरो मूल्य का वस्तु व्यापार हुआ, जो भारत के कुल व्यापार का 11.5% है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930