नागपुर: निकाय चुनाव के दौरान नागपुर महानगर पालिका में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद नई चुनौती सामने आई है। निकाय चुनाव में करीबियों के टिकट कटने से नाराज नेताओं ने खुले तौर पर नाराजगी जाहिर किया है। इसमें देवेंद्र फडणवीस के करीबी संदीप जोशी ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है। नागपुर के पूर्व मेयर रहे एमएलसी संदीप जोशी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपने इस फैसले की जानकारी दी। जोशी के इस्तीफे के बाद मनाने का दौर भी शुरू हुआ है। नागपुर शहर के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपक जोशी का फैसले पर अंतिम फैसला प्रदेश कार्यकारिणी करेगी।
गडकरी और फडणवीस से माफी मांगी
सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में संन्यास की घोषणा करते हुए संदीप जोशी ने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है। राजनीति उनके लिए हमेशा से जनसेवा का जरिया रही है, न कि पद या प्रतिष्ठा पाने का। उन्होंने कहा कि पार्टी बदलने, अवसरवादिता और सत्ता के लिए हो रही कड़ी प्रतिस्पर्धा देखकर उन्हें लगा कि अब उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। दीपक जोशी ने अपने पोस्ट में कहा कि अब युवा नेतृत्व के लिए जगह बनाना जरूरी है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा में अहम भूमिका निभाने के लिए बीजेपी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। साथ ही, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे वरिष्ठ नेताओं से माफी भी मांगी।
करीबियों के टिकट कटने से नाराज
सूत्रों के अनुसार, संदीप जोशी के कुछ करीबी लोगों को हाल के चुनावों में टिकट न मिला, जिससे वह नाराज थे। वॉर्ड 16 के कुछ पदाधिकारियों ने भी लोकल बीजेपी कार्यकर्ताओं को टिकट मिलने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एमएलसी जोशी के इस फैसले पर नागपुर के पूर्व मेयर दयाशंकर तिवारी ने कहा कि पार्टी में अंदरूनी कलह की अफवाहें झूठी हैं। संदीप जोशी के पास अभी सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में काम करने के लिए कई साल हैं। उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। बीजेपी शहर अध्यक्ष ने कहा कि संदीप जोशी के स फैसले को स्वीकार करना या न करना सिर्फ उनके हाथ में नहीं है। चूंकि जोशी एमएलसी हैं, इसलिए राज्य कार्यकारिणी इस पर फैसला लेगी। वह खुद उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे ।














