इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान 50 वर्षीय ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई है। इस मामले को मिलाकर स्थानीय लोगों ने इस प्रकोप में अब तक कुल 25 लोगों की मौत का दावा किया है, जबकि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में 15 जनवरी को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया था। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर बरसते हुए इसे बेहद दर्दनाक बताया है।

जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- आज इंदौर में दूषित पानी पीने से हमने एक और परिजन को खो दिया। बड़े दुखद मन से कहना पड़ रहा है कि सरकार के भ्रष्टाचार और अहंकार ने हमारे इंदौर के 25 लोगों की सरकारी हत्या की है। कितना शर्मनाक है कि 25 लोगों की मौत के बाद भी प्रधानमंत्री @narendramodiऔर मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 ने अब तक एक भी जिम्मेदार अधिकारी या नेता का इस्तीफ़ा नहीं लिया। भाजपा सरकार सत्ता के नशे में निर्दोष लोगों की हत्या करती रहे, फिर भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, यही है नरेंद्र मोदी का नया भारत।

25वीं मौत का दावा

भागीरथपुरा में बुधवार सुबह जब हेमंत गायकवाड़ (50) के घर से उनकी अर्थी उठी, तो माहौल गमगीन हो गया और विलाप में डूबी उनकी मां, पत्नी और चार बेटियों को संभालना वहां मौजूद लोगों के लिए मुश्किल हो गया।

हेमंत के छोटे भाई संजय के मुताबिक, ‘‘मेरे भाई की मौत दूषित पानी के कारण हुई है। हमने महज 15 दिन की बीमारी में उन्हें खो दिया। उन्होंने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार रात आखिरी सांस ली।” उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई ई-रिक्शा चलाते थे और अपने परिवार के लिए आजीविका कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। संजय ने कहा कि मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और राज्य सरकार को उसकी हरमुमकिन मदद करनी चाहिए। शोक में डूबे इस व्यक्ति ने संयत, लेकिन दृढ़ स्वर में कहा, ‘‘मेरे भाई की मौत के गुनाहगारों को सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि भागीरथपुरा के लोगों को पिछले दो साल से दूषित पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और नगर निगम से कई शिकायतें करने के बावजूद इसका निराकरण नहीं हो सका।

हेमंत की बेटी रिया ने बताया, ‘‘मेरे पिता को दूषित पानी के चलते दस्त की समस्या हुई और हमने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।” भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में 51 नलकूपों में दूषित पानी मिला और पानी की जांच रिपोर्ट में इसमें ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया के बारे में पता चला। अधिकारियों ने कहा कि इस बैक्टीरिया के कारण भागीरथपुरा में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में नगर निगम की पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण इसमें एक शौचालय के सीवर का पानी भी मिला था। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

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