हैदराबाद: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के याचारम गांव में 100 से ज्यादा आवारा कुत्तों को हर देकर मारने का मामला सामने आया है। ये गांव हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर है। इस घटना के सामने आने के बाद पशु कल्याण कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। खासकर इसलिए क्योंकि कुछ ही दिन पहले तेलंगाना के तीन जिलों में 500 से अधिक आवारा कुत्तों की हत्या की खबरें सामने आई थीं। पशु कल्याण संगठनों का आरोप है कि याचरम में भी कुत्तों की हत्या पेशेवर तरीके से की गई। इसके पीछे गांव के सरपंच और उसके सहयोगियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि अब तक मारे गए कुत्तों के शव बरामद नहीं हो सके हैं। आशंका जताई जा रही है कि शवों को गांव के बाहर कहीं दफना दिया गया है ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की प्रतिनिधि मुदावथ प्रीति की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें गांव का सरपंच भी शामिल है। इसके अलावा एक वार्ड सदस्य और गांव के सचिव को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, यह कथित हत्याएं 19 जनवरी को की गई थीं। प्रीति का कहना है कि कई दिनों से गांव में आवारा कुत्ते अचानक गायब हो रहे थे, जिसके बाद शक और गहरा गया। जब इस बारे में गांव के प्रतिनिधियों से सवाल किए गए तो उनके बयानों में विरोधाभास सामने आया।
शिकायत में क्या
प्रीति ने अपनी शिकायत में बताया कि पशु कल्याण कार्यकर्ता दीपिका पिंगाली से फोन पर बातचीत के दौरान एक वार्ड सदस्य ने दावा किया था कि कुत्तों को कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि बाद में जब उसी वार्ड सदस्य से एक अन्य कार्यकर्ता अदुलापुरम गौतम ने बात की तो उसने कहा कि कुत्तों को एनेस्थीसिया के इंजेक्शन दिए गए थे। इसके बाद गांव के लोगों से पूछताछ करने पर यह सामने आया कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। याचरम थाना प्रभारी ए. नंदेश्वर रेड्डी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुत्तों के शव कहां दफनाए गए हैं। सभी आरोपों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।














