तिरुवनन्तपुरम: प्रवर्तन निदेशालय ने सबरीमाला मंदिर में सोने और अन्य संपत्तियों की कथित हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 जगहों पर छापेमारी की है।
केरल क्राइम ब्रांच ने दर्ज की थी एफआईआर
ईडी के अनुसार, यह जांच केरल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई कई सारी एफआईआर पर आधारित है। इसमें त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) के अधिकारियों, निजी लोगों, बिचौलियों और ज्वैलर्स के बीच एक गहरी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि कोर्ट से अनुकूल आदेश मिलने के बाद 9 जनवरी को इस मामले में एक प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की गई थी। ईडी के सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि सोने से सजी पवित्र कलाकृतियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर ‘तांबे की प्लेटें’ के रूप में गलत तरीके से दिखाया गया था और 2019-2025 के दौरान मंदिर परिसर से हटा दिया गया था।
ईडी ने 21 जगहों पर की छापेमारी
अधिकारियों ने बताया कि यह सोना कथित तौर पर तमिलनाडु और कर्नाटक की निजी सुविधाओं में रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए निकाला गया था। इससे अपराध से हुई आय उत्पन्न हुई, जिसे रखा गया, स्थानांतरित किया गया और छिपाया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जांच में सबरीमाला में अन्य वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत की जा रही है। कोच्चि में ईडी ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोत्ती के आवास और टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष एन वासु और तिरुवाभरणम आयुक्त के एस बैजू के घरों पर भी छापेमारी की।














