नई दिल्ली। वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली देशी की अग्रणी कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने मंगलवार को अल्ट्रा-ई सीरीज में पांच नए इलेक्ट्रिक ट्रक लांच किए जिसमें खास बात यह है कि ग्राहकों को 10 साल या 10 लाख किलोमीटर तक सर्विसिंग का विकल्प दिया जा रहा है। टाटा मोटर्स ने यहां भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम में पांच इलेक्ट्रिक ट्रकों सहित आज कुल 17 ट्रक बाजार में पेश करके अपने पूरे ट्रक पोर्टफोलियो को अपग्रेड कर दिया है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक गिरीश वाग ने कहा कि कंपनी ने 2045 तक नेट जीरो ग्रीन हाउस उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और यह कदम इसी दिशा में उठाया गया है। अल्ट्रा-ई सीरीज के ट्रक सात टन से 55 टन की क्षमता वाले हैं। इन्हें इंटेलिजेंट मॉड्यूल इलेक्ट्रिक व्हीकल आर्किटेक्चर (आई-मोईवी) पर विकसित किया गया है।
टाटा मोटर्स के उपाध्यक्ष और ट्रक कारोबार के प्रमुख राजेश कौल ने मीडिया से अलग से बात करते हुए कहा कि कंपनी सिर्फ ट्रक नहीं बेचेगी, वह ग्राहक को पूरा समाधान मुहैया करायेगी। ग्राहक के पास 10 साल या 10 लाख किलोमीटर तक सर्विसिंग का करार करने का विकल्प होगा। यदि कोई ऑपरेटर अपने बेस में चार्जिंग सुविधा लगवाना चाहता है तो कंपनी उसमें मदद करेगी, उसके तकनीशियनों को प्रशिक्षण देगी और यहां तक कि कोई यदि तय मार्ग पर इन ट्रकों का संचालन करना चाहती है तो उसे पूरा रूट मैप भी प्रदान करेगी।
कंपनी ने सात टन, नौ टन और 12 टन के कॉन्फिग्रेशन में इलेक्ट्रिक लाइट ट्रक पेश किये हैं जो शहरी क्षेत्रीय और तय मार्ग पर परिचालन के लिए बनाये गये हैं। वहीं, अल्ट्रा ई.28के टिपर को खनन एवं निर्माण कार्यों में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। ई.55एस सबसे शक्तिशाली पेशकश है जिसकी शक्ति 470 किलोवाट और बैटरी क्षमता 453 किलोवाट आवर (केडब्ल्यूएच) है।
टाटा मोटर्स के उपाध्यक्ष एवं इंजीनियरिंग प्रमुख अनिरुद्ध कुलकर्णी ने मीडिया को बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के मामलें में चार्जिंग में लगने वाला समय भी महत्वपूर्ण होता है। इन इलेक्ट्रिक ट्रकों के विकास के क्रम में कुल पांच पेटेंट लिए गये हैं जो नवाचारी तकनीक से इन्हें लैस करते हैं। सबसे शक्तिशाली 453 केडब्ल्यूएच की बैटरी दो-ढाई घंटे में पूरी तरह चार्ज होती है। चार्जिंग के लिए एक सात दो प्लग के इस्तेमाल की सुविधा दी गयी है जिससे समय और कम हो जाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से नये वाहनों पर काम चल रहा था। इन ट्रकों में पहली बार ई-एक्सल का प्रयोग किया गया है जिससे ज्यादा रेंज और सुरक्षा मिलती है। कौल ने बताया कि ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से बैटरी क्षमता का विकल्प भी चुन सकते हैं। सही विकल्प चुनने में भी कंपनी ग्राहकों की मदद करेगी।














