डेस्क: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल की वजह से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL की समस्या बहुत आम हो गई है। यह समस्या अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर LDL को समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल को लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कहा जाता है। जब इसका स्तर शरीर में ज्यादा हो जाता है, तो यह धमनियों में जमा होकर ब्लड फ्लो को बाधित करता है। ऐसे में दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए दवाओं के साथ-साथ सही खानपान और लाइफस्टाइल को अपनाना बहुत जरूरी है।

कोलेस्ट्रॉल से डरें नहीं, उसे संतुलित करें

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ कोच रयान फर्नांडो, जो विराट कोहली के साथ भी काम कर चुके हैं, बताते हैं कि हर कोलेस्ट्रॉल बुरा नहीं होता। हमारे शरीर को गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) की जरूरत होती है। असली लक्ष्य कोलेस्ट्रॉल से डरना नहीं, बल्कि उसे संतुलन में रखना है। रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें LDL को धीरे-धीरे कम करने में मदद कर सकती हैं।

डाइट में फाइबर बढ़ाएं

रोजाना 10 से 15 ग्राम सॉल्युबल फाइबर का सेवन करें। घुलनशील फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और LDL को 8 से 12 प्रतिशत तक घटा सकता है। इसके अच्छे स्रोत हैं ओट्स, जौ, चिया सीड्स, गाजर और दालें।

प्लांट कंपाउंड्स को शामिल करें

अपनी डाइट में रोजाना करीब 2 ग्राम प्लांट स्टेरॉल्स और स्टैनॉल्स शामिल करें। ये कोलेस्ट्रॉल के शरीर में अवशोषण को रोकते हैं, जिससे ब्लड में LDL का स्तर कम होता है। नट्स, बीज और साबुत अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं।

सैचुरेटेड फैट की जगह हेल्दी फैट चुनें

सैचुरेटेड फैट की बजाय MUFA और PUFA जैसे हेल्दी फैट का सेवन करें। ये फैट लिवर को बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बाहर निकालने में मदद करते हैं और दिल की सेहत को बेहतर बनाते हैं। जैतून का तेल, मूंगफली, एवोकाडो और मछली इसके अच्छे विकल्प हैं।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें

हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना, साइकिलिंग) और 2–3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। एक्सरसाइज न सिर्फ कैलोरी बर्न करती है, बल्कि शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाती है। इससे गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ता है और ट्राइग्लिसराइड्स 20–30 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं।

 इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारें

LDL बढ़ने की एक बड़ी वजह इंसुलिन रेजिस्टेंस भी हो सकती है। इसे सुधारने के लिए टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग अपनाएं, लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स खाएं और खाने के बाद थोड़ी देर टहलें। इससे ट्राइग्लिसराइड्स कम होते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया धीमी होती है।

क्यों जरूरी है समय पर ध्यान देना?

अगर समय रहते कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर लिया जाए, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी लाइफस्टाइल आदतें लंबे समय में दिल को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।

 

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें

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