बेंगलुरु: दक्षिण कोरिया की एक 32 वर्षीय महिला ने एयरलाइन के ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के कर्मचारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। ये घटना केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल-2 के अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र में हुई। पीड़ित महिला भारत से अपने देश लौट रही थी। वो नवंबर में पर्यटक वीजा पर भारत आई थीं। पुलिस के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बोर्डिंग की ओर बढ़ रही थीं, तभी सुबह करीब 10.45 बजे एक युवक उनके पास आया। उसने खुद को एयरपोर्ट स्टाफ बताते हुए महिला का बोर्डिंग पास चेक किया और दावा किया कि उनके चेक-इन बैगेज में कोई समस्या है।
आरोप है कि युवक ने कहा कि बैगेज की दोबारा जांच में समय लगेगा और वैकल्पिक रूप से मैनुअल फ्रिस्किंग कराने की बात कही। इसके बाद वह महिला को पुरुष शौचालय के पास ले गया। वहां कथित तौर पर उसने तलाशी के नाम पर महिला के शरीर को अनुचित तरीके से छुआ, बार-बार उसकी छाती को स्पर्श किया और निजी अंगों को भी छूने की कोशिश की। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे गले लगाया, धन्यवाद कहा और वहां से चले जाने को कहा।
महिला ने एयरपोर्ट अधिकारियों से की शिकायत
घटना से आहत महिला ने तुरंत एयरपोर्ट अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। शिकायत के बाद केआईए पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है, जिनमें पीड़िता के आरोपों की पुष्टि होती है। आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को परप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल भेज दिया गया है और वह न्यायिक हिरासत में है।
कौन है आरोपी
आरोपी की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद अफ्फान अहमद के रूप में हुई है, जो कम्मनहल्ली का निवासी है। आरोपी एयर इंडिया सैट्स से जुड़ा ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी बताया गया है। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को किसी भी यात्री की शारीरिक जांच करने का कोई अधिकार नहीं था। यदि किसी यात्री या सामान को लेकर संदेह हो, तो ग्राउंड स्टाफ का काम केवल इमिग्रेशन या सीआईएसएफ को सूचना देना होता है। तलाशी महिला यात्रियों के मामले में केवल अधिकृत महिला सुरक्षा कर्मी ही कर सकते हैं।














