अहमदाबाद : दो दिन पहले गुजरात में एक हाई प्रोफाइल क्राइम हुआ। कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल के भतीजे और उनकी बहू की लाश घर के बेडरूम में मिली। इस घटना में सामने आया कि कांग्रेस सांसद के भतीजे यशराज सिंह की रिवॉल्वर से मिस फायर हुआ और गोली उनकी पत्नी को लगी। गलती से पत्नी को गोली लगने से मौत की खबर लगी तो दुखी होकर यशराज ने खुद को गोली मार ली। हालांकि जांच के एक दिन बाद मामले में तब ट्विस्ट आया, जब पुलिस को पता चला कि यह कोई हत्या या आत्महत्या का केस नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
पुलिस का कहना है कि गोली लगने से हुए घावों की प्रकृति से आकस्मिक गोलीबारी की संभावना खारिज हो जाती है। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जयेश ब्रह्मभट्ट ने शनिवार को यशराजसिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
इन सबूतों ने खोले राज
इस मामले में अहम सुराग फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और बैलिस्टिक विशेषज्ञों से मिला। परिवार का शुरुआती मानना था कि बंदूक गलती से चली। लेकिन भौतिक साक्ष्यों ने कुछ और ही कहानी बयां की।
जांच आगे बढ़ने पर, फोरेंसिक और बैलिस्टिक साक्ष्यों ने आकस्मिक गोलीबारी के दावे पर गंभीर संदेह पैदा किया। पुलिस उपायुक्त (जोन 1) हर्षद पटेल ने कहा कि लाइसेंसी रिवॉल्वर में केवल दो गोलियां थीं, और दोनों चलाई गई थीं। पटेल ने कहा कि जांच अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि फायर एक्सिडेंटल नहीं था। अनजाने में गोली चलने की स्थिति में, गोली नीचे की ओर जा सकती है या किसी अनचाही सतह से टकरा सकती है। इस मामले में, गोली राजेशवरी के सिर के निचले हिस्से में लगी। यदि यह आकस्मिक होती, तो यह किसी अन्य व्यक्ति के सिर के स्तर पर नहीं लग सकती थी।
पुलिस जांच में सामने आईं दो अहम बातें
असंभव दुर्घटना: आधुनिक लाइसेंसी रिवॉल्वर में सेफ्टी कैच लगे होते हैं जो ट्रिगर को जानबूझकर दबाए बिना गोली चलने से रोकते हैं। विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि हथियार का गिरना या साफ करना मात्र से चलना संभव नहीं था।
घातक वार: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सबूत जानबूझकर की गई हत्या की ओर इशारा करते हैं। गोहिल ने अपनी पत्नी के सिर के पिछले हिस्से पर सटीक निशाना लगाकर गोली चलाई। घाव की दिशा और जगह से पता चलता है कि शूटर ने स्थिर और जानबूझकर निशाना साधा था, जिससे गलती से या भटककर गोली चलने की कोई संभावना नहीं रह जाती।
गुजरात पुलिस की थ्योरी
एसीपी ब्रह्मभट्ट की ओर से दर्ज हत्या की शिकायत में कहा गया है कि रिवॉल्वर से फायर गलती नहीं थी। शिकायत में कहा गया है कि ट्रिगर को दबाने के लिए एक विशिष्ट, जानबूझकर बल लगाने की जरूरत होती है। इस तरह ट्रिगर अनजाने में नहीं दब सकता। इसलिए, यशराज सिंह गोहिल ने अपनी पत्नी राजेश्वरी की हत्या के इरादे से ट्रिगर दबाया और उसके सिर के पिछले हिस्से में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। एफआईआर में आगे कहा गया है कि साक्ष्य बताते हैं कि यशराजसिंह ने अज्ञात कारणों से राजेश्वरी को गोली मारी और बाद में उसी हथियार से खुद को भी गोली मार ली।
दो महीने पहले हुई थी शादी
यशराज सिंह गुजरात समुद्री बोर्ड में क्लास वन ऑफिसर थे। यशराज सिंह और राजेश्वरी से शादी पिछले साल नवंबर में हुई थी। शादी के महज दो महीने के अंदर इतनी बड़ी वारदात कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच की जा रही है।
बेडरूम से आई गोली चलने की आवाज
पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार देर रात जजेस बंगलो रोड स्थित एनआरआई टावर की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक अपार्टमेंट में हुई। दंपति रात करीब 10:30 बजे एक रिश्तेदार के घर भोजन करने के बाद घर लौटे थे। यशराजसिंह की मां, देव्यानिबा के अनुसार, दोनों अपने बेडरूम में थे। अचानक यशराज सिंह के लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चली, जो राजेशवरी के सिर के निचले हिस्से में लगी। यशराज सिंह ने रात 11:42 बजे इमरजेंसी सर्विस 108 पर कॉल किया। कुछ ही देर बाद पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचे और राजेशवरी को मृत घोषित कर दिया।
देव्यानिबा के बयान के अनुसार, यशराज सिंह घबराया हुआ लग रहा था और उसने देव्यानिबा से कपड़े बदलने को कहा। जब देव्यानिबा और एम्बुलेंस कर्मी कमरे से बाहर निकले, तो उसने खुद को सिर में गोली मार ली।














