कोलकाता: बंगाल का अग्निकांड इतना भयानक था कि अभी भी शवों की पहचान संभव नहीं हो सकी है। अधिकारियों के अनुसार, शव बहुत ही बुरी तरह जल चुके हैं। सिर्फ बड़ी हड्डियां और खोपड़ियां ही बची हैं। टीओई की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस और राहत टीमें अब इन खोपड़ियों और हड्डियों को गिनकर मृतकों की संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह आग 26 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में Wow! Momo के गोदाम में लगी थी। आग लगने की वजह अबतक साफ नहीं हो सकी है। राहत दल मलबे औऱ खंडहर में खोज कर रहे हैं ताकि और शव मिल सके।
13 और शव बरामद
रेस्क्यू टीम ने 13 और शव बरामद किए गए और इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। पुलिस ने बताया कि 28 लोग अब भी लापता हैं, जिससे आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटना की प्रकृति और नुकसान की गंभीरता को देखते हुए, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए 21 शवों की ‘डीएनए’ के जरिए शिनाख्त के लिए बृहस्पतिवार से प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारी ने कहा कि कई शव बुरी तरह से झुलसे हुए हैं, ऐसे में पारंपरिक तरीकों से उनकी पहचान संभव नहीं है, इसीलिए डीएनए जांच से शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी करेंगे दौरा
वहीं विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी और बीजेपी के अन्य नेताओं के प्रस्तावित दौरे से पहले अधिकारियों ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भाजपा नेताओं के प्रस्तावित दौरे से पहले, बुधवार आधी रात से इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा, कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और बचाव एवं मृतकों की शिनाख्त कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल पर जाने और पास के एक मंदिर से वहां तक मार्च निकालने की अनुमति के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। अदालत से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष कर सकती हैं।














