मध्य प्रदेश, बैतूल जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. यहां सरकार की ओर से दी गई ई-साइकिल की बैटरी में अचानक विस्फोट हो गया. जिससे 30 वर्षीय दिव्यांग शिक्षक की जलकर मौत हो गई. यह हादसा शुक्रवार देर शाम सरनी कस्बे में हुआ, जो जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है.
पुलिस के अनुसार, यह घटना सरनी के जय स्तंभ चौक के पास हुई. मृतक की पहचान सुनील कुमार लोखंडे उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है. सुनील दिव्यांग थे और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना जीवन यापन करते थे. वह अपनी तिपहिया ई-साइकिल से कहीं जा रहे थे. तभी अचानक उसकी बैटरी में तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया. विस्फोट के बाद ई-साइकिल में आग लग गई और सुनील उसकी चपेट में आ गए.
आग में झुलसकर दिव्यांग युवक की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैल गई. पास ही मौजूद एक दुकानदार ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. लेकिन आग इतनी भीषण थी कि सुनील को बचाया नहीं जा सका. कुछ ही मिनटों में वह बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. सरनी थाना प्रभारी एके परतेती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैटरी में विस्फोट किन कारणों से हुआ.
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तीकरण योजना के तहत मिली थी ई-साइकिल
मृतक के भाई राजेश ने बताया कि सुनील जन्म से दिव्यांग नहीं थे. करीब 15 साल पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उनके जोड़ों में गंभीर समस्या हो गई थी, जिसके बाद उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होने लगी. सुनील की शादी नहीं हुई थी और वह पूरी तरह ट्यूशन पर निर्भर थे.
राजेश के अनुसार, मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तीकरण योजना के तहत करीब ढाई साल पहले सुनील को बैटरी से चलने वाली तिपहिया ई-साइकिल दी गई थी. इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि सरकारी योजनाओं में दी जा रही ई-वाहनों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.














