गुजरात, अहमदाबाद और गांधीनगर सहित पूरे गुजरात के किसानों के लिए एक बार फिर चिंताजनक खबर आई है. राज्य के जाने-माने मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने फरवरी महीने में मौसम में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की है. समुद्री पैरामीटर्स और ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ के प्रभाव के कारण राज्य के कई इलाकों में बेमौसम बारिश यानी कि मावठ होने की संभावना व्यक्त की गई है.
अंबालाल पटेल के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के कारण भारी हिमपात और बर्फ के तूफान आ सकते हैं. इस प्राकृतिक घटना का सीधा असर पड़ोसी राज्यों राजस्थान और गुजरात के मौसम पर पड़ेगा. खासकर 2 फरवरी तक राज्य के वातावरण में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा.
इन जिलों में बारिश की संभावना
पूर्वानुमान के मुताबिक, वातावरण बदलेगा और उत्तर गुजरात के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है. सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी बादल छाए रहेंगे. खासकर कच्छ, राजकोट और सौराष्ट्र के अन्य जिलों में बारिश की संभावना है, जो सर्दियों के अंतिम चरण में असामान्य मानी जाती है.
सिर्फ सौराष्ट्र ही नहीं, बल्कि मध्य और दक्षिण गुजरात पर भी इसका असर होगा. दाहोद और पंचमहल के आसपास के क्षेत्र में हल्की बारिश की संभावना है. जबकि दक्षिण गुजरात में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखेगा, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
वर्तमान में राज्य में रबी सीजन जोरों पर है. खेतों में जीरा, चना, गेहूं और मसालों की फसलें लहरा रही हैं और अब तक फसल की स्थिति अच्छी देखी जा रही है. लेकिन वातावरण का यह बदलाव तैयार फसल पर पानी फेर सकता है.
शीतकालीन फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है- अंबालाल पटेल
अंबालाल पटेल ने लाल बत्ती दिखाते हुए चेतावनी दी है कि अगर फरवरी में मावठ होती है तो तैयार शीतकालीन फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है. खासकर जीरा जैसी संवेदनशील फसल को नम वातावरण पसंद नहीं आता है. इसलिए फसल संरक्षण के लिए किसानों को एहतियाती कदम उठाना उचित है.
तापमान के बारे में बात करें तो, पूर्वानुमान के मुताबिक 20 फरवरी के बाद ठंड का जोर घटेगा और गर्मी बढ़ने की शुरुआत होगी. यह अवधि गर्मी की फसलों के लिए अनुकूल रहेगी. लेकिन तब तक वातावरण में आने वाले अचानक बदलाव और बेमौसम बारिश खेती के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.














