हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ‘मोक्षदायिनी गंगा’ में स्नान के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त से ही हरकी पैड़ी पहुंचने लगे।
प्रमुख घाटों पर गूंजा ‘हर-हर गंगे’
हरकी पैड़ी के ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट और सुभाष घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे धर्मनगरी का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
पांच राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने किया दीपदान
माघ पूर्णिमा के अवसर पर हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से आए श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर दीपदान किया। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पूजा-अर्चना और दान-पुण्य भी किया।
माघ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व
पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में सभी देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और हरिद्वार व प्रयागराज जैसे तीर्थों पर स्वयं गंगा स्नान करते हैं। इस दिन किया गया स्नान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करता है।
पितरों के लिए किया श्राद्ध और तर्पण
इस विशेष तिथि पर कई परिवारों ने अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म और तर्पण भी किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान से पापों का नाश होता है, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सुरक्षा और यातायात के रहे पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें।














