जगदलपुर। जगदलपुर पुलिस ने एक एटीएम फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। और इस तरह से यहां की पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। बताया जाता है कि इस गिरोह के सदस्य अब तक 1 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके है। पुलिस ने इस अपराध में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें से एक एमबीए का छात्र है।
एसबीआई एटीएम बूथ से राशि आहरित कर संबंधित बैंक से रि-फण्ड करवाकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 2 आरोपियों की गिरफ्तारी एटीएम कार्ड से राशि आहरित होने के बाद राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई जाती थी बाद में बैंक की ओर से रि-फण्ड कर पुन: पैसा कार्डधारी के खाते में जमा कराया जाता था 3 माह में1,08,62,000 रूपये की ठगी किया गया। अलग अलग बैंकों के 47 खाता और 28 एटीएम कार्ड के माध्यम से किया गया ठगी आरोपी उत्तर प्रदेश जौनपुर क्षेत्र के निवासी जो हवाई जहाज से अपराध करने पहुंचते थे छत्तीसगढ़ 5 नग मंहगे मोबाईल, 3 चेक बुक, बैंक पासबुक, 03 एटीएम कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड, 02 लाख रूपये नगद बरामद मुख्य आरोपी है एमबीए अनुराग यादव डिप्लोमा धारी एवं दूसरा भी ग्रेजुएट, मंहगे मोबाईल, घड़ी, बैंक बैलेन्स और आलीशान जीवनशैली पर खर्च किया जाता था पैसा, बिना गार्ड के एवं सूनसान एटीएम बूथ को करते थे टारगेट जगदलपुर- लालबाग, कोठारी मार्केट, प्रतापगंज पारा, धरमपुरा के एटीएम बूथ पर छेड़छाड़ कर राशि आहरित किया गया। परिचितों के भी एटीएम कार्ड को 4-5 हजार रुपए में किराये पर लाकर किया जाता था उपयोग जगदलपुर के अलावा धमतरी में भी आरोपियों द्वारा राशि आहरित कर किया गया है। ठगी नाम आरोपी अनुराग यादव पिता अनिल यादव, उम्र-26 वर्ष, निवासी रीठी, थाना सिंगरारा, जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश, जनार्दन यादव पिता रामजीवन यादव उम्र 33 वर्ष, साकिन सोनाहिता थाना सुजानगंज, जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश है।
पूर्ण विवरण
जगदलपुर शहर में एसबीआई के एटीएम बूथ में रूपये आहरण करने के पश्चात् संबंधित बैंक में रूपये आहरण नहीं हुआ है कहकर टोल-फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज कर पुन: बैंक से अपने खाते में पैसा जमा कराने वाले अंतराज्यीय गिरोह को पकडऩे में कोतवाली पुलिस ने सफलता हासिल किया है । ज्ञात हो कि एसबीआई बैंक जगदलपुर के द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया गया है कि माह सितम्बर, अक्टूबर एवं नवम्बर 2020 में कुछ खाता धारको द्वारा एटीएम कार्ड के माध्यम से जगदलपुर शहर में स्थित एसबीआई के एटीएम बूथ में अपने कार्ड के माध्यम से खातों से रूपये का आहरण किया गया है और संबंधित बैंक के टोल-फ्री नम्बर पर फर्जी शिकायत दर्ज कराया गया कि उनके एटीएम कार्ड से ट्रान्जेक्शन के दौरान राशि आहरित नहीं हुआ है और खाते से संबंधित राशि का कटौती होना बताया गया है एवं उक्त शिकायत पश्चात् संबंधित बैंक के द्वारा निश्चित समयावधि में एसबीआई की ओर से संबंधित बैंक के माध्यम से खाता धारक के खाता में आहरित मूल्य की राशि पुन: जमा किया गया है। उक्त समयावधि में एसबीआई के एटीएम पर इस तरीके से 1,08,62,000 / – रूपये की ठगी संबंधी शिकायत की गई जिस पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया। अनुसंधान के दौरान शहर के एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे, संबंधित कार्ड एवं खातों के ट्रान्जेक्शन डिटेल व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ संदेहियों की पहचान उत्तरप्रदेश , जौनपुर क्षेत्र का होना पाया गया। जिस आधार पर थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में सायबर सेल एवं अन्य बल को उत्तरप्रदेश की ओर रवाना कर संदेहियों पर निगाह रखा गया एवं संदेहियों 1. अनुराग यादव 2. जनार्दन यादव को जौनपुर से पकड़ा गया है। तरीका वारदात मामले में संदेही अनुराग यादव एवं जनार्दन यादव से पूछताछ पर अपना अपराध स्वीकार किया गया है। जिन्होंने माह सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर 2020 में जगदलपुर आकर अलग अलग समय में एसबीआई के एटीएम बूथ पर अलग अलग बैंकों के एटीएम कार्ड के माध्यम से एटीएम के प्रक्रिया के अनुरूप राशि का आहरण किया जाता था एवं राशि निकासी के दौरान एटीएम के शटर को होल्ड कर आहरित राशि में से एक नोट को संबंधित शटर रोलर पर छोड़कर शेष राशि निकाल लिया जाता था। शटर रोलर पर कुछ समय तक नोट रहने के दौरान एटीएम आऊट ऑफ सर्विस पर रहता था। थोड़ी देर पश्चात् छोड़ा गया नोट अपनी प्रक्रिया के अनुरूप एटीएम मशीन के अंदर वापस चला जाता था जिस कारण आहरण में ईरर कोड जनरेट होता था। थोड़ी देर पश्चात् पुन: एटीएम चालू की स्थिति में आ जाता था। बाद में 02-03 दिन पश्चात् आरोपियों के द्वारा अपने मोबाईल फोन से संबंधित बैंक के टोल-फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज कराया जाता था कि कार्डधारी के खाते से संबंधित राशि का ट्रान्जेक्शन में राशि खाते से कट गया है किन्तु ट्रान्जेक्शन में किसी प्रकार का राशि कार्डधारी को प्राप्त नहीं होना बताया जाता था। शिकायत के आधार पर बैंको के प्रकिया के अनुरुप समयावधि में उक्त शिकायत के निराकरण के संबंध में पुन: संबंधित एटीएम के बैंक से कार्डधारी के खाते में राशि पुन: जमा किया जाता था। इस आधार पर आरोपियों द्वारा एटीएम कार्ड से राशि आहरित किया जाता था और शिकायत दर्ज कर पुन: संबंधित बैंक के माध्यम से उतनी राशि पुन: कार्डधारी के खाते में जमा हो जाता था। इस प्रकार आरोपियों के द्वारा माह सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर 2020 में समय समय पर हवाई जहाज के माध्यम से रायपुर फिर रायपुर से जगदलपुर में आकर उक्त घटना को अंजाम दिया जाता था। उक्त समयावधि में आरोपियों के द्वारा लगभग 1,08,62,000 रूपये का राशि आहरित कर ठगी किया गया है। ज्ञात हो कि मुख्य आरोपी अनुराग यादव डॉ एपीजे अब्दुल कलाम युनिवर्ससिटी का एमवीए छात्र रह चुका है एवं दूसरा आरोपी जनार्दन यादव भी ग्रेजुएट है। आरोपियों के कब्जे से अलग अलग बैंको के 3 नग एटीएम कार्ड, पासबुक, 3 नग चेक बुक, पेन कार्ड, आधार कार्ड, 5 नग मंहगा मोबाईल, नगद 2,00,000 रूपये एवं अन्य सामग्री बरामद किया गया है।
एटीएम फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, एक करोड़ से अधिक की ठगी, जौनपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले है आरोपीगण…
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