वैशाली: बिहार में चल रही इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के दौरान वैशाली जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है.यहां अभिभावकों ने समानता का हवाला देते हुए ‘नो एंट्री’ के नियम को शिक्षकों पर भी लागू कर दिया और कहा कि नियम सबके लिए बराबर हैं. वैशाली में 10 मिनट लेट पहुंचे शिक्षक को अभिभावकों ने गेट पर रोका,बोले-जब बच्चों को एंट्री नहीं,तो मास्टर साहब को क्यों?
बिहार में इन दिनों इंटर की परीक्षाएं पूरे कड़े अनुशासन के साथ चल रही हैं. एक तरफ परीक्षार्थियों के लिए गेट बंद होने का समय तय है और एक मिनट की देरी भी उनके साल भर की मेहनत पर पानी फेर रही है,वहीं वैशाली में अभिभावकों ने एक नई मिसाल पेश की है. यहां एक शिक्षक के देर से आने पर अभिभावकों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया और बहस के बाद शिक्षक को वापस लौटना पड़ा.
मामला वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित सुखदेव मुखलाल कॉलेज परीक्षा केंद्र का है.यहां परीक्षा ड्यूटी में तैनात एक शिक्षक निर्धारित समय से लगभग 10 से 15 मिनट देरी से पहुंचे थे. जैसे ही शिक्षक ने गेट से अंदर जाने की कोशिश की,वहां मौजूद परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने उन्हें घेर लिया.अभिभावकों का तर्क था कि जब 2 मिनट की देरी होने पर छात्रों को रोता-बिलखता छोड़ दिया जाता है और उन्हें प्रवेश नहीं मिलता,तो फिर नियमों की अनदेखी शिक्षकों के लिए क्यों?














