उत्तराखंड – नैनीताल में घूमने गई दिल्ली की एक युवती के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक टैक्सी ड्राइवर ने युवती का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने युवती के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, नशे में धुत ड्राइवर के चंगुल से किसी तरह बचकर युवती नंगे पैर ही जंगल की ओर भाग निकली। अपनी जान बचाने के लिए वह पूरी रात जंगल में छिपी रही। बताया जा रहा है कि आरोपी से बचने के लिए उसे जंगली जानवरों का डर भी कम लगा और वह पूरी रात एक कलवर्ट में डरी-सहमी बैठी रही। करीब आठ घंटे तक संघर्ष करने के बाद सुबह युवती ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह बल्दियाखान क्षेत्र में पहुंचकर एक स्थानीय महिला को पूरी घटना बताई। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई गई।
पीड़ित युवती ने बताया कि वह प्रकृति प्रेमी है और अक्सर शांत स्थानों पर घूमने जाती है। इसी वजह से वह नैनीताल घूमने आई थी। उसे उम्मीद थी कि पहाड़ों की शांति और लोगों की सादगी उसे सुकून देगी, लेकिन रास्ते में जो हुआ उसने उसे अंदर तक झकझोर दिया।
पीड़िता के अनुसार, उसने गुरुवार को हल्द्वानी निवासी दीपक बोरा की टैक्सी किराये पर ली थी। नैनीताल से करीब 12 किलोमीटर पहले आरोपी ने कार को पटवाडांगर मार्ग की ओर जंगल की तरफ मोड़ लिया। युवती के विरोध करने पर उसने कार की रफ्तार तेज कर दी और करीब दो किलोमीटर आगे ले जाकर जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने युवती का मोबाइल फोन भी छीन लिया और वह नशे में धुत था। घटना के दौरान दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। मौका मिलते ही युवती टैक्सी से उतरकर नंगे पैर ही जंगल की ओर भाग निकली। आरोपी दीपक बोरा ने कुछ दूरी तक उसका पीछा भी किया, लेकिन युवती सड़क के नीचे बने एक कलवर्ट में छिप गई और पूरी रात वहीं डरी-सहमी बैठी रही।
युवती ने बताया कि उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस टैक्सी ड्राइवर पर वह भरोसा कर रही है, उसके इरादे गलत हैं। घटना के समय उसके मन में सिर्फ एक ही ख्याल था कि किसी तरह हैवान के चंगुल से बचना है। इसी सोच के साथ वह अंधेरे जंगल में काफी दूर तक भागती चली गई ताकि आरोपी की नजरों से दूर हो सके। उसने बताया कि हर आहट पर उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगता था। डर और ठंड के बीच उसने किसी तरह पूरी रात बिताई। युवती ने कहा कि वह प्रकृति से बेहद लगाव रखती है और शायद उसी का आशीर्वाद था कि वह सुरक्षित बच निकली।
पीड़िता ने भावुक होकर कहा, “मैं प्रकृति प्रेमी हूं। मुझे लगता है कि उसी प्रकृति ने मुझे अपनी गोद में छिपाकर उस हैवान से बचा लिया।” सुबह उजाला होने पर युवती ने हिम्मत जुटाई और सड़क की ओर निकलकर मदद मांगी। वह बल्दियाखान क्षेत्र में पहुंची और एक महिला को पूरी घटना बताई। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी टैक्सी चालक दीपक बोरा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।














