अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ऊपर का समय हो गया है। रोज नए हमले और दावे दोनों पक्ष के तरफ से की जा रही है। इसी बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने एक और अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि यह कार्रवाई सेंट्रल ईरान के आसमान में की गई, जहां उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हाई-टेक स्टील्थ विमान को निशाना बनाया। अमेरिका की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
ईरान ने ली जिम्मेवारी
ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उनके सिस्टम ने बेहद सटीक तरीके से इस जेट को ट्रैक किया और फिर उसे तबाह कर दिया। ईरान का यह भी दावा है कि यह विमान ब्रिटेन के आरएएफ लाकेनहीथ बेस की एक खास स्क्वाड्रन से जुड़ा हुआ था। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही मिसाइल ने जेट को टक्कर मारी, उसमें जोरदार धमाका हुआ और वह हवा में ही टूटकर बिखर गया।
इससे पहले भी कर चुकी है दावा
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने ऐसा दावा किया हो। इससे पहले भी वह एक F-35 जेट को नुकसान पहुंचाने की बात कह चुका है। खास बात यह है कि 19 मार्च 2026 को भी ईरान ने दुनिया को चौंका दिया था, जब उसने पहली बार इस “अदृश्य” माने जाने वाले स्टील्थ जेट को मार गिराने का दावा किया था। तब स्थिति और दिलचस्प हो गई थी जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन कुछ ही समय बाद ईरान ने उसी तकनीक के दम पर F-35 को ट्रैक कर उसे निशाना बना दिया था।
राष्ट्रपति ने बी1 ब्रिज हमले पर दी तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के बी1 ब्रिज पर हमले की घटना के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश इस हमले को बिना वजह की आक्रामकता मानता है और वह अपनी पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।



















