आरबीआई ने पॉलिसी रेपो रेट को यथावत रखने का फैसला लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व वाली मौद्रिक नीति समिति की वित्त वर्ष 2027 की पहली द्विमासिक पॉलिसी बैठक में यह फैसला हुआ है। यह बैठक 6 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चली है। आरबीआई एमपीसी की यह बैठक बड़े वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। मंगलवार रात अमेरिका और ईरान के बीज 2 हफ्ते के सीजफायर को लेकर डील हुई है। यह युद्ध 1 महीने से भी अधिक समय तक चला है। इस युद्ध से क्रूड ऑयल की कीमतें काफी अधिक बढ़ गईं, जिससे महंगाई और जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर चिंता पैदा हुई हैं।
एक्सपर्ट्स को आरबीआई से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रखने की उम्मीद थी। आरबीआई फरवरी 2025 से लेकर अब तक रेपो रेट में 1.25 फीसदी की कटौती कर चुका है। आरबीआई की दर तय करने वाली समिति ने नीतिगत रुख ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है। पिछली मौद्रिक नीति बैठक में भी केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9% रखा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई के लिए ऊपर की ओर जोखिम बढ़े हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत स्थिति में है। गवर्नर के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.6% रहने का अनुमान है। संजय मल्होत्रा ने यह भी कहा कि ऊर्जा बाजार में पैदा हुई बाधाएं भारत के राजकोषीय घाटे पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
रेपो रेट पर फैसला आने से पहले आज बुधवार को भारतीय शेयर बाजार जबरदस्त उछाल के साथ खुला। सेंसेक्स 2,674 अंक की बढ़त के साथ 77,290 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 3.78 फीसदी या 2821 अंक की बढ़त के साथ 77,437 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 3.43 फीसदी या 792 अंक की उछाल के साथ 23,921 पर ट्रेड करता दिखा।



















