इजराइल में अगर आप किसी पब्लिक प्लेस पर घूमेंगे तो हैरान रह जाएंगे. यहां महिलाओं और युवतियों के हाथ में पर्स के बजाय अक्सर बड़ी-बड़ी असॉल्ट राइफलें नजर आती है. टेल अवीव की सड़कों पर, बसों में, कैफे में या शॉपिंग मॉल के बाहर खूबसूरत लड़कियां सामान्य कपड़ों में राइफल कंधे पर लटकाए घूमती नजर आ जाएगी.

कोई उन्हें छेड़ने की हिम्मत नहीं कर पाता क्योंकि वे पूरी तरह तैयार और ट्रेंड रहती है. यह दृश्य पर्यटकों को तो हैरान करता ही है, लेकिन इजराइलियों के लिए यह रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. आखिर ऐसी क्या वजह है कि ना सिर्फ महिलाएं बल्कि पुरुष भी इस देश में सड़कों पर बड़ी-बड़ी राइफल लेकर घूमते नजार आ जाते हैं. आइये आपको बताते हैं इसकी वजह.

एक नहीं अनेक कारण
इसके पीछे की असली वजह इजराइल की अनिवार्य सैन्य सेवा है. इजराइल दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से एक है जहां महिलाओं के लिए भी सेना में भर्ती अनिवार्य है. 18 साल की उम्र पूरी करते ही ज्यादातर युवतियों को आईडीएफ (इजराइल डिफेंस फोर्सेज) में दो साल की सेवा करनी पड़ती है. पुरुषों के लिए यह अवधि तीन साल है. सैन्य प्रशिक्षण के दौरान उन्हें हथियारों का पूरा ज्ञान दिया जाता है और ऑफ-ड्यूटी होने पर भी कई बार उन्हें अपना हथियार साथ रखने की अनुमति मिलती है. इसका मकसद सुरक्षा सुनिश्चित करना है क्योंकि इजराइल हमेशा आतंकवादी खतरों और पड़ोसी देशों की दुश्मनी से घिरा रहता है. जब कोई सैनिक छुट्टी पर घर जाता है तो उसे हथियार अकेला छोड़ने की इजाजत नहीं होती. चोरी या गलत इस्तेमाल से बचने के लिए उन्हें हथियार साथ रखना पड़ता है. यही वजह है कि सिविलियन कपड़ों में भी युवा महिलाएं और पुरुष राइफल लेकर घूमते दिखते हैं.

आम है नजारा
टेल अवीव की डिजेंगॉफ स्ट्रीट पर या समुद्र किनारे आप एक आकर्षक युवती को राइफल के साथ स्कूटर चलाते या कैफे में बैठे आसानी से देख सकते हैं. यह दृश्य इजराइल की ‘पीपुल्स आर्मी’ की मिसाल है जहां हर नागरिक सुरक्षा का जिम्मेदार होता है. 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद स्थिति और बदल गई. उस भयानक हमले में सैकड़ों निर्दोष मारे गए जिसके बाद इजराइल सरकार ने आम नागरिकों के लिए बंदूक लाइसेंस के नियम ढीले कर दिए. नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतमार बेन-ग्विर की पहल पर हजारों नए लाइसेंस जारी किए गए. खासकर महिलाओं में बंदूक खरीदने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. आंकड़ों के अनुसार हमले के बाद महिलाओं द्वारा 42,000 से ज्यादा गन परमिट के लिए आवेदन किए गए और 18,000 से अधिक मंजूर हुए. अब इजराइल और वेस्ट बैंक में 15,000 से ज्यादा महिलाएं व्यक्तिगत रूप से फायरआर्म रखती हैं. इजराइल में बंदूक संस्कृति रक्षा के लिए है, हमला करने के लिए नहीं है. यहां आम नागरिकों के लिए बंदूक रखना आसान नहीं है. लाइसेंस के लिए सख्त शर्तें है– सैन्य प्रशिक्षण, उचित वजह और बैकग्राउंड चेक जरूरी है. लेकिन सैनिकों और रिजर्विस्टों के लिए यह अलग है. वे ट्रेंड और तैयार रहते हैं. यही वजह है कि आतंकवादी हमलों में कई बार सशस्त्र नागरिकों या ऑफ-ड्यूटी सैनिकों ने तुरंत जवाब देकर जानें बचाई है.

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