चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दो महीनों मेंतीन बार तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं। वह 15 अप्रैल को फिर से राज्य का दौरा करने वाले हैं, जहां वह एनडीए उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेंगे लेकिन इसके उलट तमिलनाडु में अभी तक राहुल गांधी ने एक बार भी प्रचार नहीं किया है। चुनावी माहौल से उनकी दूरी से चर्चा शुरू हो गई है कि कांग्रेस-DMK गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। 2021 में राहुल गांधी ने तमिलनाडु के तीन दिवसीय दौरे के साथ अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। यह ऐसे वक्त पर हुआ है जब पुडुचेरी में मिलकर लड़ रहे कांग्रेस और डीएमके के बीच दूरियां साफ तौर पर देखी जा चुकी हैं। पुडुचेरी में प्रचार खत्म हो चुका है और 9 अप्रैल यानी गुरुवार को वोट डाले जाएंगे।
बिल्कुल आखिरी में पहुंचे थे पुडुचेरी
तमिलनाडु में कांग्रेस के पदाधिकारियों ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि राहुल के प्रचार कार्यक्रम अभी तक तय नहीं हुए हैं, लेकिन संभावित योजना के अनुसार वह असम, केरल और पुडुचेरी में चुनावों के पहले चरण के बाद दौरा करेंगे। राहुल ने सोमवार को ही पुडुचेरी का दौरा किया, जो प्रचार के आखिरी दिन से ठीक एक दिन पहले का दिन था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों और गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर गठबंधन सहयोगी डीएमके और उसके पदाधिकारी M K स्टालिन का जिक्र करने से परहेज किया, जबकि स्टालिन भी उसी दिन पुडुचेरी में थे, लेकिन उनके प्रचार कार्यक्रम इस तरह से तय किए गए थे कि वे एक-दूसरे के रास्ते में न आएं। जहां राहुल गांधी ने सुबह प्रचार किया, वहीं स्टालिन शाम को दौरे पर आए। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 23 अप्रैल को पूरे राज्य में वोट डाले जाएंगे।
सीट बंटवारें में सामने आई थी तनातनी
डीएमके के एक पदाधिकारी ने कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में स्टालिन का नाम तक नहीं लिया और न ही स्टालिन ने उनका जिक्र किया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह सीटों के बंटवारे पर बातचीत के दौरान दोनों पार्टियों के बीच हुई तनातनी का नतीजा हो सकता है। डीएमके के एक पदाधिकारी ने कहा कि डीएमके की तरफ से राहुल और स्टालिन के बीच बैठक कराने की कोई कोशिश नहीं की गई, हालांकि डीएमके के संगठनात्मक सचिव आर एस भारती ने कहा कि दोनों सहयोगियों ने अपनी जनसभाओं की योजना काफी पहले ही बना ली थी और आखिरी मिनट में संयुक्त बैठक करने के लिए उसमें बदलाव नहीं कर सकते थे। उन्होंने कहा कि दोनों जल्द ही एक साथ प्रचार करेंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि राहुल ने 10 अप्रैल के बाद तमिलनाडु का दौरा करने की योजना बनाई है।



















