कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 की वोटिंग राज्य में पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किए आईएएस अधिकारी अनुराग यादव सुर्खियों में आ गए हैं। मीटिंग में उनकी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से बहस हो गई। इसके बाद उन्हें हटा दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद इंटरनेट पर अनुराग यादव के बारे में काफी खोजबीन हो रही है। अनुराग यादव उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से कह दिया था कि आप मुझे ऐसे बात नहीं कर सकते हैं मैं भी 25 साल से अफसर हूं। इसके बाद आयोग ने यादव पर्यवेक्षक के पद से उन्हें हटा दिया था। यह विवाद काफी ज्यादा चर्चा में है।
आयोग की मीटिंग में क्या हुआ?
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का जनरल ऑब्जर्वर बनाया गया था। वह एक वर्चुअल मीटिंग में अपने क्षेत्र के बेसिक सवालों का तुरंत जवाब नहीं दे पाए थे। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनकी बहस हो गई, हालांकि आयोग का कहना है कि उन्हें बहस के कारण नहीं, बल्कि काम में कमी के चलते हटाया गया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। अनुराग आयोग को पर्यवेक्षक पद से हटाने के मामले ने राजनीति को भी गरमा दिया है। चुनाव आयोग ने राज्य में निपष्क्ष चुनाव कराने का संकल्प लिया है। आयोग ने इससे जुड़ी एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह 1988 बैच से हैं।
कूच बिहार दक्षिण सीट:
- अनुराग यादव को जिस कब्जे में कूच बिहार दक्षिण सीट का पर्यवेक्षक बनाया गया था वह बीजेपी के कब्जे में है।
- 2021 में इस सीट से बीजेपी के निखिल रंजन डे जीते थे। बीजेपी ने हालांकि इस बार उनकी जगह पर रतींद्र नाथ बोस को उतारा है।
- टीएमसी ने 2021 के प्रत्याशी अविजीत डे भौमिक पर ही दांव खेला है। वह 4,931 वोटों हार गए थे।
2000 बैच के आईएएस हैं अनुराग यादव
अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह उत्तर प्रदेश कैडर से आते हैं। वे राज्य सरकार में प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुके हैं. उनका प्रशासनिक अनुभव करीब 25 साल का है। वह अभी उत्तर प्रदेश में प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। 16 जनवरी, 1975 को जन्में अनुराग यादव ने एमए की पढ़ाई की है। वह 31 मार्च को ही इस नए पद पर नियुक्त हुए थे। वह अपने सेवाकाल में झांसी, लखनऊ के कलेक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने लंबे समय तक लखनऊ में विभिन्न पदों पद भी काम किया है।



















