महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है, लेकिन पूरे मसले में परिसीमन सबसे बड़ा पेच बनकर उभर रहा है। सरकार इस पर स्पष्ट रुख सामने नहीं ला रही। विपक्ष, खासकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस प्रक्रिया के समय और मंशा पर सवाल उठाया है।

16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए सरकार एक बार फिर संविधान संशोधन विधेयक ला रही है। खुद पीएम मोदी ने इसका खुलासा कर दिया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि परिसीमन आयोग के गठन, लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या में संभावित बदलाव के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी भी चल रही है। हालांकि, औपचारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

बीजेपी ने जारी किया व्हिप

लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराना गठबंधन की सरकार के लिए आसान नहीं है। इसके लिए सरकार अपने सहयोगी सभी दलों को साथ रखते हुए विपक्षी दलों को साधना जरूरी है। विधेयक पर चर्चा के लिए कुल सदस्यों के 50% का सदन में मौजूद रहना जरूरी है। वहीं, मौजूद सदस्यों में से दो तिहाई के समर्थन से ही विधेयक पारित हो सकता है। भाजपा ने लोकसभा-राज्यसभा के अपने सभी सदस्यों के लिए तीन व्हिप जारी कर 16-18 अप्रैल तक सदन में उपस्थिति रहने को कहा है।

सरकार सीटों में क्यों चाहती है बदलाव?

  • जनगणना और प्रस्तावित जातिगत जनगणना के बाद ओबीसी आरक्षण की बढ़ती मांग।
  • जनसंख्या नियंत्रण के चलते दक्षिणी राज्यों में सीटें कम होने की आशंका को समाप्त कर दक्षिणी राज्यों में संतुलित बैठाना।
  • सीटें बढ़ा कर राजनीतिक दलों के मौजूदा सांसद-विधायकों के राजनीतिक भविष्य को खतरे की आशंका को समाप्त करना।

आरक्षण लागू करने का सही समय: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक दलों के नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि देश की बेटियां आज स्पेस, खेल, सेना और स्टार्टअप्स जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे में राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू करने का सही समय है। 

2029 का लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण लागू होने के बाद ही कराए जाएं। पीएम मोदी ने कहा कि 2023 में संसद में सभी दलों ने मिलकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी सभी दल साथ आगे आएंगे।

राजनीतिक लाभ की जल्दबाजी: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम को जवाबी पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना ठीक नहीं है। इससे लगता है कि यह महिला सशक्तिकरण से ज्यादा राजनीतिक लाभ की जल्दबाजी के लिए हैं। यह विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है।

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