मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि साल 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए (एनडीए) शासित सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू कर दिया जाएगा। राम मंदिर निर्माण और धारा 370 हटाने के साथ समान नागरिक संहिता कानून यानी यूसीसी बीजेपी के कोर एजेंडा में रहा है लेकिन अमित शाह के इस ऐलान ने एनडीए के सहयोगियों को बेचैन कर दिया है। बिहार में सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) असहज हो गई है तो चिराग भी ठीक फील नहीं कर रहे हैं। पश्चिम और दक्षिण में यूसीसी के मुद्दे पर एनडीए में ऑल इज वेल नहीं है।
टीडीपी बोली-अभी कोई चर्चा नहीं
आंध्र प्रदेश में सत्ता में मौजूद तेलुगु देशम पार्टी के संसदीय दल के नेता कृष्ण देवरायालु ने साफ-साफ कह दिया है कि अभी तो इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, लेकिन जब भी हमें इसकी जरूरत महसूस होगी, हम इस पर विचार करेंगे। इसे अपनाने से पहले हम निश्चित रूप से सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करेंगे। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी का यह बयान तब आया है जब बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा रही जेडी (यू) ने कहा कि वह अमित शाह से बात करेगी। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मैं गृह मंत्री अमित शाह से मिलूंगा और इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा।
जेडीयू-टीडीपी बदलते रहे हैं स्टैंड
2014 से ही टीडीपी और जेडीयू का भाजपा के कुछ अहम मुद्दों पर अपना अलग स्टैंड लेने का इतिहास रहा है। इस दौरान दोनों पार्टियां एनडीए में शामिल होती और बाहर निकलती रही है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वह बीजेपी के ज्यादा करीब नजर आ रही है। 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने पर जेडीयू सांसद सदन से बाहर चले गए थे। महाराष्ट्र में यूसीसी लागू करने को लेकर सरगर्मी तेज होते ही महायुति की सहयोगी एनसीपी में अंदरूनी कलह बढ़ गई है।
सुनेत्रा पवार से मिले नितिन नवीन
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को मुंबई स्थित देवगिरी सरकारी आवास पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार से सदिच्छा भेंट की। इस दौरान नितिन नबीन ने आदरणीय अजितदादा पवार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ साथ राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी बात की। इस मौके पर सीएम देवेंद्र फडणवीस और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे। यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक लाने के संकेत दिए हैं।
महाराष्ट्र और आंध्र में क्या है मुस्लिमों की स्थिति
- महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों में से लगभग 38 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत या उससे अधिक है। राज्य की कुल आबादी में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत है।
- मुस्लिम मतदाता मुंबई और अन्य शहरी स्थानीय निकायों (जैसे मालेगांव, औरंगाबाद, धुले, नांदेड़ आदि) में कई वार्डों व सीटों पर ये निर्णायक भूमिका में होते हैं।
- राजनीतिक प्रभाव के बावजूद, हालिया विधानसभा चुनावों में इन सीटों से जीतने वाले मुस्लिम विधायकों की संख्या लगभग 10 के आसपास ही रही है।
- आंध्र प्रदेश में मुसलमानों की आबादी लगभग 36 लाख है, जो राज्य की कुल आबादी का करीब 7.4% है।
- रायलसीमा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी का हिस्सा (लगभग 12.5%) तटीय आंध्र की तुलना में अधिक है।



















