मध्यप्रदेश के मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान को पुलिस ने महिला अधिकारी को धमकाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया था. अब इस बीच मंत्री नागर सिंह चौहान ने खुद को अपने भाई से अलग बता दिया है. मंत्री नागर सिंह चौहान ने शनिवार (25 अप्रैल)को कहा कि महिला अधिकारी को कथित रूप से धमकाने के मामले में गिरफ्तार उनके भाई से उनका कोई संबंध नहीं है.
पुलिस ने बताया कि इंदर सिंह चौहान को इस मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अदालत में पेश किए जाने पर उसे जमानत मिल गई. अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि हम अलग रहते हैं और हमारा कोई संपर्क नहीं है. वह अपने कृत्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार है.
अधिकारी को दी थी धमकी
अधिकारियों ने बताया कि इंदर सिंह चौहान ने 22 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रिया कांग को कथित रूप से धमकी दी थी. कांग की शिकायत के अनुसार जब उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अयोग्य आवेदनों को खारिज कर दिया तब मंत्री के भाई ने उनसे कहा कि ‘मैं तुम्हारे दांत तोड़ दूंगा और तुम्हें जिंदा गाड़ दूंगा.’
इस योजना के तहत कमजोर वर्ग की महिलाओं को बेटी के विवाह के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. पुलिस ने बताया कि जिन आवेदनों को खारिज किया गया, उनमें पहले से विवाहित जोड़ों को योजना में शामिल करने की मांग की गई थी.
इंदर चौहान के खिलाफ दर्ज किया गया था केस
घटना के दौरान सीईओ कार्यालय के कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद उसी दिन इंदर सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी को दो दिन बाद गिरफ्तार किया गया और उसे जमानत मिल गई. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और जनता इसका जवाब उचित समय पर देगी.



















