रायपुर, संघ के प्रवक्ता श्री सपन जांगड़े ने बताया कि मंत्रालय में प्रस्तावित महंगी कैंटीन व्यवस्था को लेकर मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री चन्द्रकांत पाण्डेय ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। संघ के पदाधिकारियों एवं कार्याकारिणी सदस्यों ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट कहा कि निजी संस्था को कैंटीन संचालन देने का निर्णय कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ डालने वाला है और इसे तत्काल रोका जाए।
संघ का कहना है कि पूर्व में इंडियन कॉफी हाउस (ICH) द्वारा संचालित कैंटीन में रियायती दर पर भोजन, नाश्ता, चाय-कॉफी उपलब्ध होती थी जिससे न केवल कर्मचारी बल्कि मंत्रीगण वरिष्ठ अधिकारी एवं कैबिनेट बैठकों तक की व्यवस्था सुचारू रूप से होती थी। अब निजी संस्था द्वारा ऊंची दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने की संभावना से कर्मचारियों में भारी असंतोष है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ सकता है।
संघ ने केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की बात रखते हुए मांग की है कि मंत्रालय कैंटीन का संचालन महिला स्व-सहायता समूह को दिया जाए। यह पहल केन्द्र के मंशानुरूप होगी जिससे महिला सशक्तीकरण और सस्ती व गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
संघ ने यह भी कहा कि प्रदेश के कई शासकीय कार्यालयों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा सफलतापूर्वक कैंटीन का संचालन किया जा रहा है] जबकि मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर महंगी निजी व्यवस्था थोपना पूरी तरह अनुचित है। संघ ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि निजी संस्था को दिए गए कैंटीन संचालन पर तत्काल रोक लगाकर महिला स्व-सहायता समूह को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।
मुख्य सचिव द्वारा संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि यह विषय उनके संज्ञान में नहीं था तथा इस पर शीघ्र ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष श्री चन्द्रकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्री अजीश मिरे, सचिव श्री उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष श्री छविराम साहू, संयुक्त सचिव श्री महेश बड़ा, सदस्य श्री कुंदन साहू, संरक्षक श्री कीर्तिवर्धन उपाध्याय, श्री मनोज मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य सुश्री संयोगिता चन्द्रकार सहित अन्य समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।



















