मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ‘90 डिग्री ब्रिज’ मामले में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सस्पेंड किए गए 7 इंजीनियरों को बहाल कर दिया है. इनमें दो तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं. पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह के प्रस्ताव पर मंत्री राकेश सिंह ने बहाली को मंजूरी दी.

ये सभी अधिकारी 23 जून 2025 को निलंबित किए गए थे. अब बहाली के बाद इन्हें ईएनसी ऑफिस में पदस्थ किया जाएगा. हालांकि कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी.

किन इंजीनियरों पर चलेगी विभागीय जांच

पीडब्ल्यूडी के ब्रिज डिवीजन से जुड़े तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी रवि शुक्ला और उपयंत्री उमाशंकर मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी. इनके कार्यों में निर्माण संबंधी लापरवाही और त्रुटियों की जांच होगी.

वहीं डिजाइन विंग से जुड़े प्रभारी चीफ इंजीनियर संजय खांडे, प्रभारी ईई शबाना रज्जाक और सहायक यंत्री शानुल सक्सेना को बिना विभागीय जांच के बहाल किया गया है. विभाग का कहना है कि आरोप-पत्र के जवाब में इन अधिकारियों ने डिजाइन संबंधी गलती से इनकार किया था और परीक्षण में उनकी बात को आधार माना गया.

जांच में क्या सामने आया

तीन वरिष्ठ इंजीनियरों की जांच में यह पाया गया कि ऐशबाग ब्रिज का एंगल 90 डिग्री नहीं बल्कि 119 डिग्री था. जगह की कमी के कारण अधिकतम संभव एंगल रखा गया था. लेकिन निर्माण के दौरान दोनों तरफ के स्लैब को सीधी लाइन में जोड़ने से सही कर्व नहीं बन पाया.

जांच में यह भी सामने आया कि यदि निर्माण के दौरान अधिकारियों ने समय रहते सुपरविजन और तकनीकी निर्णय लिए होते तो डिजाइन में सुधार संभव था. साथ ही रेलवे क्षेत्र में सर्कुलर पिलर की जगह वाल टाइप पिलर बनाए गए, जिसे भी गंभीर त्रुटि माना गया.

किस पर क्या आरोप था

शबाना रज्जाक और शानुल सक्सेना पर रेलवे की सहमति के बिना ड्राइंग अनुमोदित करने का आरोप था. संजय खांडे पर गलत डिजाइन अनुमोदन का आरोप लगा.उमाशंकर मिश्रा और रवि शुक्ला पर बिना रेलवे अनुमति कार्य कराने का आरोप था.जीपी वर्मा पर आरओबी निर्माण में त्रुटिपूर्ण कार्यवाही कराने का आरोप लगा. रिटायर्ड ईई जावेद शकील और एमपी सिंह पर भी निर्माण और डिजाइन अनुमोदन में लापरवाही के आरोप लगे थे.

4से5महीने चल सकती है जांच

अब विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो दस्तावेज, बयान और साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे. पूरी प्रक्रिया में 4 से 5 महीने लगने की संभावना है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930