दमोह। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से जुड़ी दुखद घटना के बाद जहां इलाके में मातम और गम का माहौल है, वहीं दमोह में आयोजित एक बर्थडे पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो को जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल के पति और अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल की जन्मदिन पार्टी का बताया जा रहा है। वीडियो में बंडा की घटना का संदर्भ लेते हुए बुंदेली गीत पर युवतियों के डांस करने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इस आयोजन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जिस घटना में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, उसका संदर्भ किसी मनोरंजन कार्यक्रम में इस्तेमाल किए जाने से संवेदनशीलता पर सवाल खड़े होते हैं।
गाने में बंडा कांड का संदर्भ
वायरल वीडियो में एक लोक गायक बुंदेली अंदाज में गीत प्रस्तुत करता नजर आ रहा है। इसी दौरान कुछ युवतियां मंच पर डांस करती दिखाई देती हैं। गीत में बंडा में हुई मौतों का जिक्र भी किया गया है। वीडियो में सुनाई देने वाले बोलों में शराब से दूरी बनाने का संदेश भी बताया जा रहा है। यही हिस्सा अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है। वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे शराब के खिलाफ संदेश देने वाला कार्यक्रम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने बंडा जैसी गंभीर त्रासदी के संदर्भ को मनोरंजन से जोड़ने पर आपत्ति जताई है।
घटना में जा चुकी है कई लोगों की जान
बंडा कांड ने सागर और आसपास के इलाकों को झकझोर दिया है। जहरीली शराब से जुड़ी इस घटना में तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में रही है। ऐसे समय में बर्थडे पार्टी से सामने आए इस वीडियो ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता गौरव पटेल की ओर से सफाई सामने आई है।
गौरव पटेल बोले- किसी को ठेस लगी हो तो माफी मांगता हूं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौरव पटेल ने कहा कि कलाकारों की मंशा किसी का मजाक उड़ाना या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं थी। उनके अनुसार, गायक के गीत का उद्देश्य लोगों को अधिक शराब पीने से बचने का संदेश देना था।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कार्यक्रम या गीत के किसी हिस्से से किसी व्यक्ति को बुरा लगा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि वीडियो देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि बंडा की घटना का मजाक बनाया जा रहा है, तो वह इसके लिए माफी चाहते हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। वीडियो कब और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित स्तर से होना बाकी है। वहीं, इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में गंभीर और संवेदनशील घटनाओं के संदर्भ का इस्तेमाल किस तरह किया जाना चाहिए।



















