छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के सरकारी सेवकों और उनके आश्रितों हेतु मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों की नई सूची जारी की है । इस आदेश के तहत, 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए प्रदेश के भीतर और बाहर स्थित विभिन्न सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों को इलाज के लिए अधिकृत किया गया है । इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराना है ।
प्रदेश के भीतर रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर सहित कई प्रमुख निजी अस्पतालों को विशिष्ट उपचार के लिए मान्यता मिली है । नवा रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर को सभी प्रकार के कैंसर रोगों के लिए, जबकि श्री बालाजी सुपरस्पेशिलिटी और रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल को न्यूरो-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सुविधाओं के लिए सूचीबद्ध किया गया है । इसके अतिरिक्त, दाँतों के लिए जैन डेंटल और आँखों के उपचार के लिए ASG आई हॉस्पिटल जैसे विशेष केंद्रों को भी इस सूची में शामिल किया गया है ।
राज्य के बाहर भी नामी संस्थानों जैसे अपोलो (चेन्नई/हैदराबाद), मेदांता (गुड़गांव), और सर गंगाराम हॉस्पिटल (दिल्ली) में उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी । आदेश के अनुसार, इन अस्पतालों में इलाज की दरें CGHS के मानकों के अनुरूप होंगी। मरीजों को राज्य के बाहर जाने के लिए मेडिकल कॉलेज की रेफरल समिति से अनुमति लेना अनिवार्य होगा, हालांकि आपातकालीन स्थितियों में इलाज शुरू कराने के बाद 7 दिनों के भीतर विभाग को सूचित करने का प्रावधान रखा गया है । अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि अग्रिम धन राशि के अभाव में इलाज में देरी या लापरवाही न की जाए।



















