What's Hot

सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद देश में भ्रष्टाचार का महारोग लगातार बढ़ता ही जा रहा है जिसमें छोटे-बड़े कर्मचारियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक को शामिल पाया जा रहा है। यह महारोग कितना गंभीर रूप धारण कर चुका है, यह पिछले मात्र 5 दिनों की निम्न घटनाओं से स्पष्ट है :

* 15 मई को ‘लुधियाना’ (पंजाब) में विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने पी.एस.पी.सी.एल. (पावरकॉम) दफ्तर लुधियाना में तैनात एस.डी.ओ. ‘जसकंवरप्रीत सिंह’, एस.डी.ओ. ‘श्रुति शर्मा’ और क्लर्क ‘आशु’ को 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 16 मई को पटना (बिहार) में भ्रष्टाचार निवारण विभाग को ग्रामीण विकास विभाग के एक चीफ इंजीनियर ‘गोपाल कुमार’ के पटना समेत 4 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान शुरूआती जांच में लगभग 2 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित सम्पत्ति अर्जित करने के सबूत मिले। 
* 16 मई को ही ‘रीवा’ (मध्य प्रदेश) में लोकायुक्त की टीम ने ‘खजूहा कला’ के पटवारी ‘मनोज’ को 5000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। 

* 17 मई को ‘उदयपुर’ (राजस्थान) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने ‘प्रतापनगर’ थाने में तैनात ए.एस.आई. ‘सुनील बिश्नोई’ को एक पीड़ित से छेड़छाड़ और बलात्कार के मामले में मुकद्दमा दर्ज न करने के बदले में एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
* 18 मई को सी.बी.आई. ने ‘दिल्ली विकास प्राधिकरण’ के एक असिस्टैंट विजीलैंस आफिसर तथा मल्टी टास्किंग स्टाफ के एक सदस्य को  50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 
* 19 मई को ‘नई दिल्ली’ में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 50 लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले में कोलकाता स्थित पूर्वी कमान में तैनात सेना के एक कर्नल को कानपुर की एक कम्पनी को लाभ पहुंचाने के लिए टैंडर जारी करने में हेराफेरी, घटिया नमूनों को मंजूरी देने और लंबित एवं बढ़े हुए बिल के भुगतान को आसान बनाने आदि के आरोप में गिरफ्तार किया। 

* 19 मई को ही भुवनेश्वर (ओडिशा) में सतर्कता विभाग ने एक सरकारी इंजीनियर के 33 भूखंडों (जमीन के प्लाटों) सहित करोड़ों रुपयों की बेहिसाबी सम्पत्ति का पता लगाया जिसमें 4 बहुमंजिला मकान, एक मार्कीट काम्प्लैक्स, एक फार्म हाऊस आदि शामिल हैं। 
* 19 मई को ही भुवनेश्वर (ओडिशा) में सतर्कता विभाग ने एक पंचायत विकास अधिकारी को एक सरकारी कर्मचारी की बकाया राशि के भुगतान के बदले में 18,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। 
* 19 मई को ही ‘भिवानी’ (हरियाणा) स्थित तहसील कार्यालय ‘बवानीखेड़ा’ में सतर्कता विभाग ने एक वकील को एक पटवारी की ओर से एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 19 मई को ही ‘धार’ (मध्य प्रदेश) जिले में लोकायुक्त पुलिस ने जिला शिक्षा प्रोजैक्ट कोआर्डीनेटर ‘प्रदीप कुमार खरे’ को स्कूलों में शौचालयों के निर्माण के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने की एवज में एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। 
* और अब 19 मई को ही विजीलैंस तथा एंटी क्रप्शन डायरैक्टोरेट ने ‘कोकराझार’ (असम) स्थित ‘परबतझोरा’ फारैस्ट डिवीजन के डिवीजनल फारैस्ट आफिसर ‘अभिनाश बसुमतारी’ को 2 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

ये तो चंद उदाहरण मात्र हैं, इनके अलावा भी न जाने कितनी ऐसी घटनाएं हुई होंगीं। सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के तमाम प्रयासों और दावों के बावजूद इसका जारी रहना कानून लागू करने वाले अधिकारियों पर कई तरह के प्रश्र खड़े करता है। अत: इस बुराई पर रोक लगाने के लिए अधिक कठोरता बरतने और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की बजाय नौकरी से निकालने, उनकी सम्पत्तियों को जब्त करने तथा उनके परिजनों को सरकारी नौकरियों के अयोग्य ठहराने जैसे कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930