मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर इलाके में 20 मई को उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब कोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रशासन की टीम अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जैसे ही बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हुई, वहां भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए.
कार्रवाई का विरोध कर रही उग्र भीड़ ने न सिर्फ सरकार विरोधी नारेबाजी की, बल्कि अचानक प्रशासनिक टीम और पुलिस बल पर पत्थरों से हमला कर दिया. इस अचानक हुए पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ा गया.
100 से ज्यादा लोगों पर FIR
बांद्रा पुलिस ने इस हिंसक झड़प को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है. मामले में अब तक 15 नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पकड़े गए आरोपियों पर दंगा भड़काने, ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, सरकारी काम में रुकावट डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट (अदालत) में पेश कर कस्टडी की मांग की जाएगी.
पत्थरबाजी की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के आला सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गरीब नगर में हुआ यह हमला कोई तात्कालिक गुस्सा या अचानक उपजी प्रतिक्रिया नहीं थी. शुरुआती जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि पुलिसकर्मियों पर हुआ यह हमला एक सोची समझी और पूर्वनियोजित रणनीति का हिस्सा था. जांच एजेंसियां अब इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधारों (मास्टरमाइंड) की तलाश में जुटी हैं. पुलिस मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही है कि भीड़ को उकसाने और उन्हें एक जगह इकट्ठा करने के पीछे किन संदिग्धों का हाथ था.
इन मुख्य आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बांद्रा के ही रहने वाले. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उन में मोहम्मद दिलशाद नूर मोहम्मद शेख (उम्र 19 वर्ष), जाकिर जैनुद्दीन अब्बासी (उम्र 30 वर्ष), मोहम्मद साजिद अंसारी (उम्र 26 वर्ष), सलाउद्दीन मोहिउद्दीन शेख, रहीम मुशीर खान (उम्र 19 वर्ष), मोहम्मद अरबान मोहम्मद फुरकान (उम्र 21 वर्ष, नाजिम रफीक मोहम्मद (उम्र 20 वर्ष), मोहम्मद दिलशाद अहमद (उम्र 46 वर्ष), इसरार इकबाल खान (उम्र 19 वर्ष), मोमिन अब्दुल हमीद खान (उम्र 26 वर्ष) शामिल हैं.
मामले पर गरमाई राजनीति
इस पूरी घटना के बाद मुंबई में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई है. कार्रवाई और उसके बाद हुई हिंसा पर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह एक पूरी तरह से कानूनी कार्रवाई थी. कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. कानून हाथ में लेने वाले और पत्थरबाजी करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
सपा नेता आजमी सरकार से की घर देने की मांग
वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने इस बुलडोजर कार्रवाई पर मानवीय दृष्टिकोण से सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर वे इस देश के नागरिक हैं, तो उन्हें रहने के लिए घर चाहिए. अगर लोगों के पास उचित ठिकाना होता, तो कोई भी फुटपाथ पर या अवैध रूप से घर क्यों बनाता? एक अच्छी सरकार वही है, जो अपने हर नागरिक को छत दे. अगर अवैधता के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए जाएंगे, तो वे कहां जाएंगे? उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ यह ‘बुलडोजर एक्शन’ अब एक फैशन बन चुका है, जिसे तुरंत पूरी तरह बंद होना चाहिए.
इलाके में दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए बांद्रा के गरीब नगर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है. पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और स्थानीय वीडियो क्लिपिंग्स की मदद से अन्य फरार उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.



















