महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, हालांकि इससे पहले सत्ताधारी महायुति गठबंधन के अंदर कलह अब खुलकर सामने आ गई है. जानकारी मिली है कि उपमुख्यमंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया. ऐसे में शिंदे का बैठक से गायब रहना गठबंधन के भीतर बढ़ते असंतोष का साफ संकेत दे रहा है. चर्चा चल रही है कि शिंदे विधानसभा में सीटों के बंटवारे और महागठबंधन के भीतर बढ़ते विद्रोह को लेकर बेहद नाराज हैं.
जानकारी के मुताबिक शिंदे के तय कार्यक्रमों में मंगलवार को कैबिनेट बैठक का उल्लेख था, लेकिन बैठक शुरू होने के बावजूद वे मंत्रालय नहीं पहुंचे. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस बैठक से उनका दूर रहना कहीं महायुति में कुछ गड़बड़ होने का संकेत तो नहीं है.
सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे विधान परिषद की सीटों के बंटवारे को लेकर काफी नाराज चल रहे हैं. खासकर नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, रायगढ़ और यवतमाल जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उम्मीदवारों को लेकर गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच तीखी खींचतान चल रही है.
शिंदे गुट का आरोप है कि उनकी हक की सीटें या तो सहयोगी दलों को दे दी गई हैं या खाली छोड़ दी गई हैं. स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता और नेता इस फैसले से बेहद नाराज हैं. सूत्र बताते हैं कि महायुति की लगभग 6 सीटों पर बगावत की स्थिति बन गई है.
गठबंधन में बढ़ता विद्रोह
विधानसभा चुनाव को लेकर महायुति में शामिल दलों के बीच कई जगहों पर आंतरिक विद्रोह भी देखा जा रहा है. कुछ सहयोगी दलों के नेताओं ने आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इससे गठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
शिंदे गुट अब काफी आक्रामक रुख अपनाए हुए है. पार्टी के अंदर यह माना जा रहा है कि सीट बंटवारे में उनके साथ अन्याय हुआ है.
जल्द सुलझाने के प्रयास
गठबंधन के नेतृत्व को इस असंतोष का अंदाजा है. सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए मुंबई में बैठकों का एक सिलसिला शुरू होने वाला है. गठबंधन की ऊपरी लीडरशिप इस विवाद को जल्द सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है.



















