दिल्ली के एक थाने में वकीलों ने न केवल एक जांच अधिकारी (IO) के साथ गाली-गलौज की और धमकी दी, बल्कि पीड़ित पक्ष से मारपीट तक कर दी। घटना के कई विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन केस दर्ज कर लिए हैं। दो पीड़ित पक्ष की शिकायत पर हुए, जबकि एक पुलिसकर्मी के बयान पर दर्ज हुआ। घटना पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाने की है। बवाल करने वालों में तीन वकील हैं, जबकि बाकी वकीलों के भेष में वहां पहुंचे थे। फिलहाल आरोपी फरार हैं और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
हादसे के बाद भड़का विवाद
- पुलिस के मुताबिक, घटना 30 मई की है। ASI नरेंद्र कुमार शकरपुर थाने में एक सड़क हादसे के मामले में कानूनी कार्रवाई कर रहे थे।
- यह दुर्घटना आरोपी ड्राइवर फरमान की गाड़ी से हुई थी, जिसमें अक्षत त्यागी युवक घायल हो गया था।
- उसके पैर में कई फ्रैक्चर थे। जब पुलिस मामले में FIR दर्ज कर रही थी, तभी खुद को वकील बताने वाले कई लोग थाने के भीतर जबरन घुस आए।
पुलिसकर्मी-पीड़ित परिवार से की बदसलूकी
आरोप है कि इन कथित वकीलों ने जांच अधिकारी पर दबाव बनाने की कोशिश की, जिससे आरोपी ड्राइवर फरमान के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो। जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया, तो वकीलों ने घायल अक्षत त्यागी के पिता बालेश्वर त्यागी और उनके रिश्तेदारों के साथ गाली-गलौज की और उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने उतरे एएसआई के साथ भी इन लोगों ने बदतमीजी की, उन्हें धक्का दिया, गालियां दीं, धमकाया और सरकारी काम में बाधा डाली। कुछ देर के लिए थाने के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने की सख्त कार्रवाई
- दबंगई के बावजूद पुलिस बैकफुट पर नहीं आई और मामले में अब तक तीन FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
- भारी ड्रामे के बीच पुलिस ने एक्सीडेंट के मामले में शकरपुर थाने में केस दर्ज कर आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर लिया है।
- जबकि दूसरी FIR ड्यूटी पर तैनात एएसआई नरेंद्र कुमार की शिकायत पर लक्ष्मी नगर थाने में दर्ज की गई है, जिसमें सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है।
- वहीं तीसरी एफआईआर घायल के पिता बालेश्वर त्यागी की शिकायत पर भी लक्ष्मी नगर थाने में मारपीट करने समेत संबंधित धाराओं में दर्ज की गई है।
थाने में घुसे थे 24 लोग
डीसीपी ईस्ट राजीव कुमार का कहना है कि हमने विडियो से देखा है कि कुल 24 लोग थाने में घुसे थे और पुलिसकर्मी पर दबाव बनाने की कोशिश की। बार की मदद से अब तक आरोपियों से तीन वकीलों की पहचान हुई है, जो हिमांशु शर्मा, तनिश शर्मा और शिवम गौतम हैं। बाकी लोग मुंशी वगैराह थे, जो वकील बनकर आए थे। फिलहाल तीनों फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर ही है। साथ ही पुलिस इनके लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए भी शाहदरा बार असोसिएशन को लिखेगी।



















