श्रीनगर: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चल रही एन.आई.ए. जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल दो मोबाइल फोनों में से एक फोन पाकिस्तान में 2021 में आयात की गई खेप का हिस्सा था। इस खेप का वित्तपोषण कराची स्थित एक बैंक ने किया था, जिसका नाम पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।
पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में जबरदस्त गिरावट आई थी। भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि इस्लामाबाद ने आरोपों से इनकार किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई हमले, ड्रोन और भारी मोर्टार फायरिंग के साथ चार दिनों तक सैन्य तनाव रहा।
अब जांच का फोक्स सिर्फ आतंकियों तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान से इन आतंकियों को तकनीकी और साजो-सामान की मदद देने वाले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।
ऑप्रेशन महादेव में मारे गए थे 3 आतंकी
सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के पास दाचीगाम में ऑप्रेशन महादेव के दौरान तीन आतंकियों ‘सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमजा अफगानी’ को मार गिराया था। मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जो जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुए।
पहलगाम हमलावरों के पास शाओमी रेडमी सीरीज के दो फोन थे, जिनमें एक रेडमी 9टी जो 2021 में आयात हुआ था और दूसरा रेडमी नोट 12 जो 2023 में लाया गया था। जांचकर्त्ताओं ने जानकारी दी कि दोनों फोन का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है।
फोन के आई.एम.ई.आई. नंबर के जरिए शाओमी ग्लोबल से संपर्क किया गया और इन डिवाइस की सप्लाई हिस्ट्री मांगी गई। कंपनी के रिकॉर्ड से पता चला कि रेडमी 9टी फोन जनवरी 2021 में पाकिस्तान पहुंची एक बड़ी खेप का हिस्सा था। यह खेप कराची की टेक सिराट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कानूनी तौर पर आयात की थी। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस खेप के फंडिंग और लॉजिस्टिक्स में फेसल बैंक का नाम दर्ज है। डिलीवरी का पता भी बैंक के मुख्यालय का था।



















