90 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा बाएं घुटने के इलाज के लिए धर्मशाला से दिल्ली आएंगे। इससे पहले उनकी 2024 में घुटने की सर्जरी हो चुकी है। ट्रीटमेंट के बाद जून के आखिर में उनके लद्दाख जाने की योजना है, जहां वह लंबे समय तक रह सकते हैं।
तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा शुक्रवार यानी 7 जून को धर्मशाला से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वह अपने बाएं घुटने के इलाज के लिए राष्ट्रीय राजधानी आएंगे। हाल के वर्षों में उनकी सेहत को लेकर समर्थकों के बीच चिंता रही है, इसलिए इस यात्रा पर दुनियाभर के अनुयायियों की नजर बनी हुई है।
90 वर्षीय दलाई लामा पिछले कुछ समय से घुटने से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2024 में भी उनके इसी घुटने की सर्जरी हुई थी। हालांकि उन्होंने तब इसे गंभीर समस्या नहीं बताया था, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी आवाजाही पर असर पड़ा है। दिल्ली में उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद उनके जून के अंत में लद्दाख जाने की भी योजना है, जहां वह लंबे समय तक रह सकते हैं।
बाएं घुटने के इलाज के लिए दिल्ली पहुंचेंगे
दलाई लामा के कार्यालय ने एक्स पर अनांउसमेंंट कर बताया कि वह बाएं घुटने के ट्रीटमेंट के लिए कल दिल्ली जाएंगे।
पहले भी हो चुकी है घुटने की सर्जरी
- साल 2024 में दलाई लामा के घुटने की सर्जरी न्यूयॉर्क में हुई थी।
- बाद में उन्होंने कहा था कि यह कोई गंभीर समस्या नहीं थी।
- उम्र बढ़ने के साथ चलने-फिरने में उन्हें सहायता की जरूरत पड़ती है।
- लंबी दूरी तय करने के लिए वह कभी-कभी गोल्फ कार्ट का उपयोग भी करते हैं।
इलाज के बाद लद्दाख में करेंगे लंबा प्रवास
दलाई लामा का लद्दाख से खास जुड़ाव रहा है और वह पहले भी वहां लंबे प्रवास कर चुके हैं। उनके कार्यालय के अनुसार, स्वास्थ्य लाभ के बाद जून के अंत में वह लद्दाख रवाना होंगे। माना जाता है कि वहां का अपेक्षाकृत शुष्क और अनुकूल मौसम उनके लिए आरामदायक रहता है।
1959 से भारत में निर्वासन का जीवन
- दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भारत आए थे।
- तब से वह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं।



















