शिमला: एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न, अपमान और गैर-कानूनी दबाव के कारण नेगी आत्महत्या के लिए मजबूर हुए। मामला 220 करोड़ रुपये के पेखुबेला सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। विमल नेगी 10 मार्च 2025 को शिमला से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। लगभग आठ दिन बाद, 18 मार्च को उनका शव एक नदी से बरामद किया गया था। मेडिकल बोर्ड की जांच में उनकी मौत का कारण पानी में डूबने से दम घुटना बताया गया था। हालांकि, उनकी मौत को लेकर शुरू से ही कई सवाल उठ रहे थे।

चार्जशीट में क्या

31 मार्च को विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, HPPCL के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा और निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देश राज ने विमल नेगी पर लगातार मानसिक दबाव बनाया। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों अधिकारियों ने उन्हें अपमानित किया, प्रताड़ित किया और ऐसा कार्य वातावरण बनाया जिससे वे गंभीर मानसिक तनाव में आ गए। सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि नेगी पर 220 करोड़ रुपये की लागत वाले 32 मेगावाट पेखुबेला सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े फैसलों को लेकर अत्यधिक दबाव था। यह परियोजना मई 2023 में अहमदाबाद की एक कंपनी को सौंपी गई थी, लेकिन समय सीमा से पीछे चल रही थी।

सीबीआई ने कोर्ट से की ये मांग

आरोप है कि परियोजना को लेकर कुछ फैसलों और मंजूरियों को गलत तरीके से आगे बढ़ाने के लिए नेगी पर दबाव डाला गया। जांच में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। सीबीआई ने पुलिस अधिकारी पंकज शर्मा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नेगी के शव से बरामद एक पेन ड्राइव को अपने पास रख लिया और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की। एजेंसी का मानना है कि इस डिजिटल सामग्री में मामले से जुड़े अहम सबूत मौजूद हो सकते थे। हालांकि पंकज शर्मा को गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत मिल चुकी है। वहीं हरिकेश मीणा और देश राज को अग्रिम जमानत प्राप्त है। सीबीआई ने अदालत से मांग की है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत मुकदमा चलाया जाए और दोष सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

जानें पूरा मामला

बता दें कि मार्च 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए नेगी का शव बिलासपुर की गोविंद सागर झील से बरामद हुआ था। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए एचपीपीसीएल अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव के आरोप लगाए थे। मामले में तत्कालीन निदेशक देश राज निलंबित हुए थे। वही एमडी हरिकेश मीणा को भी जांच तक हटाया गया। हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए मामला सीबीआई को सौंपा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच को बचकाना बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई थी।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031