कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज है। टीएमसी के प्रखर नेता कुणाल घोष ने नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी का एक कथित प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस वीडियो को साझा करने के साथ ही कुणाल घोष ने विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के फैसले को कटघरे में खड़ा किया है और सीधे अपनी ही पार्टी के कुछ विधायकों और विधानसभा स्पीकर की भूमिका पर 4 बेहद गंभीर और तीखे सवाल दागे हैं।

कुणाल घोष के वो 4 तीखे सवाल, जिसने बढ़ाई हलचल

दस्तखत की लिस्ट में लुका-छिपी क्यों?

कुणाल घोष ने पहला सवाल उठाते हुए पूछा कि जिन लोगों ने पार्टी के आधिकारिक फैसले के बाहर जाकर स्पीकर को नया विरोधी दलनेता चुनने के लिए पत्र दिया, उन स्वच्छता के पुजारियों का वह पत्र कहां है? वह सामने क्यों नहीं आ रहा है? तथाकथित क्रांतिकारी विधायक भी उसे देख या दिखा क्यों नहीं पा रहे हैं? आखिर हस्ताक्षरों की सूची को क्यों छुपाया जा रहा है? इसमें क्या लुका-छिपी है?

स्पीकर की मंजूरी का पत्र कहां है?

उन्होंने दूसरा सवाल दागा कि विधायकों के पत्र के जवाब में स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को जो पद या कमरा आवंटित किया, उस मंजूरी या अप्रूवल का आधिकारिक पत्र कहां है? उसे अब तक कोई देख क्यों नहीं पाया है?

विधायक कानूनी अंजाम जानते हैं?

कुणाल ने पूछा कि जिन विधायकों ने इन दोनों ही पत्रों पर दस्तखत किए हैं, उनकी संख्या कितनी है और वे कौन-कौन हैं? क्या वे इस कदम के कानूनी परिणामों के बारे में जानते हैं?

शोवनदेब चट्टोपाध्याय की अनदेखी क्यों?

सबसे बड़ा हमला बोलते हुए कुणाल ने कहा कि जो लोग ममता बनर्जी को मानने का मुखौटा पहनकर बयान दे रहे हैं, उन्होंने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता क्यों नहीं माना? शोभनदेब चट्टोपाध्याय 10 बार के विधायक हैं, तृणमूल के पहले विधायक हैं और इस विधानसभा के सबसे सीनियर नेता हैं। उनके बदले एक दल-बदलू नेता को अपना लीडर मानने वाले ये लोग कौन हैं और क्यों मान रहे हैं? इसका असली कारण क्या वे जनता के सामने खड़े होकर बता सकते हैं?

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930