भानु सप्तमी सूर्य देव को समर्पित हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है. जब शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है. चूंकि रविवार का दिन स्वयं भगवान सूर्य को समर्पित है, इसलिए यह संयोग अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान सूर्यदेव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर पहली बार प्रकट हुए थे. इस दिन श्रद्धा और निष्ठा के साथ सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्य, सुख-समृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. हालांकि, इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है. आइए जानते हैं कि भानु सप्तमी के दिन किन कार्यों को करना शुभ होता है और किन गलतियों से बचना चाहिए.

भानु सप्तमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • भानु सप्तमी तिथि: 07 जून 2026, रविवार
  • सप्तमी तिथि प्रारंभ: 07 जून 2026 को सुबह 02:41 बजे से
  • सप्तमी तिथि समाप्त: 08 जून 2026 को सुबह 03:25 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक (यह समय सूर्य आराधना और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है)

भानु सप्तमी पर क्या करें?

सूर्योदय से पहले उठें

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. मान्यता है कि सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करने या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करने से मानसिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

तांबे के पात्र से अर्घ्य दें

सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत (चावल) और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. अर्घ्य देते समय “ॐ सूर्याय नमः” या गायत्री मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है.

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें

भानु सप्तमी के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और करियर में सफलता प्राप्त होती है.

पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें

पीला और लाल रंग सूर्य देव के प्रिय रंग माने जाते हैं. मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन इन रंगों के वस्त्र धारण कर पूजा करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

दान-पुण्य करें

भानु सप्तमी के दिन दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन जरूरतमंदों को गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और शुभ फल प्राप्त होते हैं.

भानु सप्तमी के दिन क्या न करें?

देर तक न सोएं

रविवार और सप्तमी का यह संयोग अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दिन सूर्योदय के बाद तक सोते रहना या आलस्य करना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे भाग्य और उन्नति में बाधा आ सकती है.

नमक का सेवन न करें

भानु सप्तमी के दिन भोजन में साधारण नमक का प्रयोग वर्जित माना गया है. यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तब भी भोजन में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं.

तामसिक भोजन से दूर रहें

इस दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और अत्यधिक तैलीय भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तामसिक भोजन से नकारात्मकता बढ़ती है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता.

बड़ों का अपमान न करें

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पिता, गुरु और मान-सम्मान का कारक माना गया है. इसलिए भानु सप्तमी के दिन अपने माता-पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें तथा भूलकर भी उनका अपमान न करें. मान्यता है कि ऐसा करने से सूर्य देव अप्रसन्न हो सकते हैं.

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031