मुंबई: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के झटके के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार ‘नॉट रीचेबल’ हो गए हैं। अमरावती विधान परिषद सीट से कांग्रेस ने हर्षजीत देशमुख को उम्मीदवार बनाया था। अब वे पार्टी के संपर्क में नहीं है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति पहले ही छह सीटें निर्विरोध जीत चुके हैं। अब विपक्ष गठबंधन को अमरवती में झटका लगता हुआ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उन्हें कांग्रेस के अमरावती MLC चुनाव के उम्मीदवार से ‘कोई संपर्क नहीं’ है। पार्टी नेताओं का दावा है कि उन्हें विरोधियों ने ‘मैनेज’ किया है।
कांग्रेस ने सत्तारूढ़ महायुति पर जताया शक
महाराष्ट्र में अमरवती लोकसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। यहां पर कांग्रेस के कैंडिडेट ने बीजेपी की फायरब्रांड नेता नवनीत राण को हराया था। तब बलवंत वानखेड़े जीते थे। अब स्थानीय निकाय से भरी जाने वाली विधान परिषद की सीट के चुनाव में कांग्रेस के कैंडिडेट के लापता होने का दावा किया जा रहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को आरोप लगाया कि अमरावती से पार्टी के विधान परिषद चुनाव के उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख पिछले कुछ दिनों से किसी से संपर्क नहीं कर रहे थे। नेताओं ने शक जताया कि चुनावों से पहले विरोधी पार्टियों ने उन्हें मैनेज किया होगा।
यशोमति ठाकुर का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र में कांग्रेस की बड़ी नेता हर्षजीत ठाकुर ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हर्षजीत देशमुख लापता हैं। चुनाव को 20 करोड़ में मैनेज किया गया था। इसके बाद इस पूरे मामले में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कहा जा रहा है कि हर्षजीत देशमुख जो चार दिनों से संपर्क से बाहर हैं। वह नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन चर्चा है कि वे ICU से इंटरव्यू दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि चुनाव में हॉर्स-ट्रेडिंग (नेताओं की खरीद-फरोख्त) हो रही है। हर्षजीत कांग्रेस पार्टी नेताओं के संपर्क में नहीं हैं। महाराष्ट्र में विपक्ष के उम्मीदवारों के नामांकन खींचने के कारण बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति गठबंधन पहले ही 16 में 6 सीटें जीत चुका है। 1 सीट पर उपचुनाव हो रहा है। ऐसे में कुल 17 सीटों के लिए चुनाव हाे रहे हैं।



















