कोटा: राजस्थान के कोटा स्थित 1100 साल पुराने ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज (35) की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस वारदात के 7 दिनों के बाद ही पुलिस ने हत्यारों को दबोच लिया है। बता दें कि साधु-संतों और हिंदू संगठनों के भारी आक्रोश के बीच पुलिस टीमें लगातार साक्ष्य जुटा रही थीं। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि इस वीभत्स हत्याकांड में कब क्या हुआ और अब क्या स्थिति है।
महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में कब क्या हुआ?
- शुक्रवार 5 जून की रात: सवाई माधोपुर के रहने वाले और मायापुरी (जूनागढ़) अखाड़े से ताल्लुक रखने वाले महंत देवानंद महाराज अपने कमरे में सो रहे थे। तभी हथियारों से लैस अज्ञात बदमाश मठ की दीवार लांघकर अंदर घुसे।
- पुजारी को किया कैद: बदमाशों ने बेहद शातिराना और सोची-समझी साजिश के तहत सबसे पहले वहां मौजूद दूसरे पुजारी के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी, ताकि कोई मदद के लिए बाहर न आ सके।
- चाकुओं से ताबड़तोड़ वार: इसके बाद कातिल सीधे महंत देवानंद महाराज के कमरे में दाखिल हुए। इससे पहले कि महंत कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उन पर धारदार हथियारों और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
- अस्पताल में तोड़ दम: चीख-पुकार सुनकर जब मठ के सेवादार और ग्रामीण दौड़े, तो महंत लहूलुहान हालत में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही देर रात एसपी तेजस्विनी गौतम खुद अस्पताल पहुंचीं।
जांच में क्या निकला?
शनिवार सुबह से ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीमें मठ में साक्ष्य जुटाने में लगी थीं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। शुरुआती जांच में यह बात साफ हो गई थी कि यह कोई सामान्य लूटपाट नहीं बल्कि एक सोची-समझी मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस मुख्य रूप से तीन एंगल पर जांच कर रही थी।
- मठ की बेशकीमती संपत्ति का विवाद।
- पुरानी रंजिश या अखाड़े की आपसी खींचतान।
- मठ में चोरी की नीयत से घुसने का विरोध।
एक हफ्ते के भीतर महंत की हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार
ताजा अपडेट के मुताबिक, कोटा पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साधु-संतों की नाराजगी और कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी। अब से कुछ ही देर में कोटा पुलिस इस बात का खुलासा करेगी कि आखिर 4 साल से अध्यात्मिक जीवन जी रहे इस युवा महंत की जान का दुश्मन कौन था और हत्या की असली वजह क्या थी।



















