Bhanu Saptami Astrology Remedies for Success: हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब यह तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो इसे ‘भानु सप्तमी’ या ‘रवि सप्तमी’ के नाम से जाना जाता है, जो अत्यंत फलदायी मानी जाती है। साल 2026 में 21 जून को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य की आराधना करने से न केवल उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है, बल्कि व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता का भी नाश होता है। भानु सप्तमी के शुभ अवसर पर किन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने सोए हुए भाग्य को जगा सकते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। आईए जानते हैं-

रवि सप्तमी की सुबह साफ-स्वच्छ होने के बाद लाल वस्त्र पहनें और लाल रंग की चीजों का प्रयोग करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह आपके आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है।

भानु सप्तमी की सुबह सूर्य पर 7 लाल फल चढ़ाकर विशेष पूजा करने का विधान है। इससे सौभाग्य प्राप्त होता है।

नेत्र विकार दूर करने के लिए प्रातः उठकर सूर्य की विधिवत पूजा करें। लाल चंदन की माला से विशेष मंत्र: ॐ श्रीं हिरण्यगर्भाय नमः जपें व 7 अंजीर चढ़ाकर दान करें। ताम्र कलश से सूर्य को जल से अर्घ्य दें, बचे हुए जल से आंखें धोएं।

सूर्य नारायण पर चढ़े 7 खजूर किसी ब्राह्मण को दान करें, दरिद्रता से मुक्ति मिलेगी। 
 
सूर्य देव के निमित तांबे के दीपक में गौघृत का दीप करें, दुःखों से मुक्ति मिलेगी।

र्य देव पर चढ़े अशोक के 7 पत्ते मेन गेट पर बांधें, कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी।

गरीबों और जरूरतमंदों को तिल, गुड़ और लाल वस्त्र दान करने से पुण्य मिलता है। यह दान सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है।

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें

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