अभी 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण आपने देखा, अब आप चंद्रग्रहण की तैयारी करें, इस महीने दो ग्रहण का अजब संयोग है। अब 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इस दिन सावन मास की पूर्णिमा है। सावन मास का आखिरी दिन और रक्षा बंधन का पर्व होने के कारण इस ग्रहण का क्या असर आप पर होगा, क्या राखी बांधने का समय बदला जाएगा. इससे जुड़ी चीजें आप यहां जान सकते हैं। आपको बता दें कि चंद्रग्रहण में पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, इसलिए चंद्रमा की छाया पृथ्वी तक नहीं आ पाती है। अगस्त में दो ग्रहण अपने आप में एक बड़ी घटना है।आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण की तरह यह भी नैरो पाथ में ही विजिबल होगा, रात को जहां चंद्रमा दिख रहा होगा, वहां इसे रात में देखा जा सकेगा।
कहां दिखाई देगा ग्रहण
खासकर अमेरिक, यूरोप, अफ्रीका और वेस्टर्न एशिया के कुछ हिस्सों में भी इसे देखा जा सकेगा।इसे आप नंगी आंखों से भी देख सकते हैं।इसके लिए आंखों को किसी प्रोटेक्शन की जरूरत नहीं होती है।
क्या चंद्रग्रहण का सूतक काल रहेगा?
हां चंद्रग्रहण का सूतक काल नहीं होगा, क्योंकि यह ग्रहण जिस समय लग रहा है, उस समय भारत में चंद्रमा नहीं दिखेगा, इसलिए इस दिन चंद्रग्रहण का कोई सूतक काल नहीं माना जाएगा। आमतौर पर अगर सूतक काल होता तो यहां रक्षा बंधन का पर्व ग्रहण समाप्त होने के बाद मनाया जाता। इसके कारण राखी बांधने का समय भी बदला जाता। लेकिन ऐसा नहीं है, ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए राखी बांधन के समय में बदलाव नहीं होगा। इसका कोईधार्मिक नियम नहीं माना जाता है।
कितने बजे लगेगा चंद्रग्रहण
आपको बता दें कि रक्षा बंधन के दिन सुबह 8 बजे चंद्रग्रहण शुरू होगा और सुबह 9.43 पर खत्म हो जाएगा। 11.22 मिनट पर ग्रहण का समापन होगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि इस समय सुबह हो रही होगी। इसकी पीक जब होगा जब 93 फीसदीचंद्रमा की डिस्क को धरती कवर कर लेगी। इससे सिल्वर लाइन दिखाई देगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



















