ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईअएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर उन खबरों को लेकर निशाना साधा जिनमें कहा गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है। उन्होंने यह जानना चाहा कि आखिर कौन-सा दस्तावेज नागरिकता को प्रमाणित करता है। हैदराबाद सीट से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्यता कार्ड नागरिकता का सबूत बन सकता है।

भाजपा का सदस्यता कार्ड नागरिकता का सबूत बन सकता
 सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि पासपोर्ट कभी नागरिकता का सबूत नहीं रहा है और नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले 12 सालों में इस दस्तावेज को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया है। ओवैसी ने इस बारे में पूछे गए सवाल पर कहा, ”देश जिस दिशा में बढ़ रहा है, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में भाजपा का सदस्यता कार्ड नागरिकता का सबूत बन सकता है।” एआईअएमआईएम अध्यक्ष ने पासपोर्ट अधिनिययम की धारा 6(2)(ए) का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय नागरिक को पासपोर्ट केवल पुलिस सत्यापन के बाद ही जारी किया जा सकता है। 

 नागरिका का सबूत क्या माना जाएगा?
उन्होंने सवाल किया, ”यह (पासपोर्ट) सबूत नहीं है… जन्म प्रमाण-पत्र सबूत नहीं है, आधार कार्ड सबूत नहीं है, और मतदाता पहचान पत्र भी पर्याप्त सबूत नहीं है। तो फिर असल में सबूत क्या माना जाएगा?” ओवैसी ने कहा कि नागरिकता प्रमाणपत्र उन्हें जारी किया जाता है जो पंजीकरण या नैसर्गिक आधार के जरिए नागरिकता हासिल करते हैं। तेलंगाना में बृहस्पतिवार को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू हुआ। इस संबंध में ओवैसी ने कहा कि उन मतदाताओं के लिए 12 दस्तावेजों की सूची बनाई गई है जिनके नाम 2002 की मसौदा सूची में नहीं थे। 

आंकड़ों को बूथ स्तरीय एजेंट के साथ साझा करें 
उन्होंने कहा, ”शुरू में हमें बताया गया था कि मतदाताओं को पहले से भरा हुआ गणना प्रपत्र मिलेगा, जिसे उन्हें सत्यापित करना होगा, उस पर हस्ताक्षर करना होगा, फ़ोटो लगानी होगी और वापस करना होगा। लेकिन अब हमें बताया गया है कि मतदाताओं को नवीनतम मतदाता सूची और 2002 की मतदाता सूची का इस्तेमाल कर खुद ही जानकारी भरनी होगी।” ओवैसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर से पहले मतदाताओं की जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की थी और उन्होंने आयोग से अनुरोध किया था कि वह उन आंकड़ों को बूथ स्तरीय एजेंट के साथ साझा करें ताकि मतदाताओं को प्रक्रिया आसानी से पूरी करने में मदद मिल सके, लेकिन उस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया।

नागरिकता पर उठ सकते हैं सवाल 
 उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर उस अनुरोध को दोहरा रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि उन्होंने पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड जैसे दस्तावेजों को स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल करने की मांग की थी, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि ऐसी चिंताएं हैं कि अगर किसी व्यक्ति का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया जाता है, तो उनकी नागरिकता पर सवाल उठ सकते हैं।
 

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31