बुरहानपुर: जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक युवक रविवार रात करीब 11.30 बजे दाहिना पैर कटा होने के बाद अस्पताल के वार्ड की गैलरी से पाइप के सहारे ओटी की खिड़की पर जाकर बैठ गया. स्टाफ नर्स ने युवक को इस तरह बैठे देखा तो वह घबरा गई और तुरंत इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके को दी. सिविल सर्जन ने पुलिस को कॉल किया. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाइश देना शुरू किया. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवक को रेस्क्यू कर सुरक्षित नीचे उतारा गया.
जानकारी के अनुसार, जिले तुकईथड़ गांव के पास स्थित बिजौरी गांव के एक युवक का पैर ट्रेन एक्सीडेंट में कट गया था. दो दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा था. रात करीब 9 बजे युवक को नर्स ने इंजेक्शन लगाया, उसे ड्रिप चढ़ाई जा रही थी. इसी बीच किसी बात को लेकर युवक की उसके पिता से कहासुनी हो गई. पैर कटने और अस्पताल में भर्ती होने के कारण युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. इसके कारण वह वार्ड में गैलरी से पाइप के सहारे से ओटी की खिड़की पर जाकर बैठ गया.
अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया
स्टाफ नर्स ने उसे तरह बैठा देखा तो तत्काल इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके और प्रबंधक नीरज चौहान को दी. उन्होंने सूचना देकर पुलिस और नगर निगम से फायर फाइटर वाहन बुलाया गया. फायर की सीढ़ी के माध्यम से युवक को नीचे उतारा गया. इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लगा. इसके बाद पुलिस ने युवक के बयान लिए.
पुलिस ने समझाइश के बाद उतारा
गनीमत है कि युवक पूरी तरह स्वस्थ है. नीचे उतारने के लिए पुलिस ने युवक को काफी देर तक समझाइश दी. इस दौरान युवक ने पुलिस से कहा कि उसका पैर कट गया है, अस्पताल में लोग उसे ही देखते रहते हैं. इस पर पुलिस ने उसे शांत करने का प्रयास किया और कहा कि अगर कोई भी समस्या हो तो हमें बताना. अपने आपको अकेला मत समझना. इसके बाद वह नीचे आने को तैयार हुआ. कर्मचारी उसे सीढ़ी के सहारे कंधे पर बैठाकर नीचे उतार लाए.



















