चेन्नई: डीएमके के पूर्व मंत्री और विधायक अनीता आर राधाकृष्णन को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 जून को तिरुचेंदूर के पास अठूर में पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की जयंती के मौके पर आयोजित एक जनसभा में राधाकृष्णन द्वारा दिए गए भाषण से जुड़ा है।
कब दिया था भड़काऊ भाषण?
पुलिस ने बताया कि बैठक के दौरान राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए राधाकृष्णन ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने विधायक को उस समय गिरफ्तार किया जब वह विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए एक सरकारी कार्यालय गए थे।
अठूर पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा
अठूर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने उन्हें मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया। हालांकि डीएमके कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन्हें पुलिस वाहन में ले जाने से रोकने की कोशिश की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने TVK सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में राधाकृष्णन को तिरुचेंदूर के पास अठूर पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया।
अनीता आर राधाकृष्णन और वी सेंथिल बालाजी पर केस चलाने की मंजूरी
इस बीच TVK सरकार ने हाल ही में गवर्नर आर एन रवि से पूर्व मंत्रियों अनीता आर राधाकृष्णन और वी सेंथिल बालाजी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच और मुकदमा चलाने की मंजूरी देने का अनुरोध किया। तमिलनाडु के बिजली मंत्री सीटी आर निर्मल कुमार ने सोमवार को गिंडी स्थित राजभवन में एक बैठक के दौरान गवर्नर आर एन रवि को सरकार का अनुरोध सौंपा।



















