चेन्नई : तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय शुक्रवार को करीब 9 महीने बाद करूर पहुंचे। वहां लाखों की संख्या में विजय के फैन और टीवीके समर्थक उमड़ पड़े। जब सीएम विजय के काफिले ने करूर शहर में एंट्री की, लोग उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ने लगे। फैंस में विजय को देखने और गाड़ी छूने की होड़ लग गई। भीड़ को संभालने में सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूट गए। करूर पूरी तरह टीवीके के लाल-पीले झंडे से पटा रहा। तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे से करूर जाते समय सलेम मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ लोग लाइन लगाकर सीएम को एक झलक देखने के लिए जमे रहे। विजय जब एटलस ग्राउंड पहुंचे, वहां भी सीटी और ढोल के थाप पर लोग नाचते-झूमते दिखे।
करूर पुलिस पर फोड़ा भगदड़ का ठीकरा
शुक्रवार को सीएम विजय करूर में दो सभाएं की। सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने कई कल्याणकारी प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की। उन्होंने करूर भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र बांटा। एटलस ग्राउंड में टीवीके पार्टी की सभा में उन्होंने शिरकत की। करूर भगदड़ के लिए उन्होंने तत्कालीन सरकार पर ठीकरा फोड़ा। विजय ने कहा कि करूर की घटना ने ही मेरी जिंदगी में सबसे ज्यादा दुख और तकलीफ़ पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जैसे पुलिस ने चेतावनी दी थी कि पेरम्बलूर में भारी भीड़ जमा होगी, वैसी जानकारी करूर के लिए क्यों नहीं दी गई? वे खुद ही भीड़ को वहाँ ले आए और हमारे लिए एक मुसीबत खड़ी कर दी, मैंने उन पर भरोसा किया था।
करूर में बनेगा मारे गए लोगों की याद में स्मारक
डीएमके सरकार की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा कि यह साफ है कि यह सब किसने करवाया। उन्होंने कहा कि करूर भगदड़ में मारे गए लोगों की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा, ताकि राजनीतिक फ़ायदे के लिए ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। बता दें कि 27 सितंबर 2025 को तमिल वेत्री कजगम की रैली में भगदड़ हुई थी, जिसमें 41 लोग मारे गए थे, जबकि 100 से अधिक घायल हुए थे। घटना के बाद आरोप लगे कि आयोजकों की गलती के कारण भगदड़ हुई। खुद विजय पर भगदड़ पीड़ितों के प्रति सहानुभूति नहीं दिखाने के आरोप लगे थे।



















