पूर्व सीएम भूपेश बघेल की अनुपस्थिति में विधायक अटल श्रीवास्तव ने एस्पिरिन दवा की खरीद पर सरकार से जवाब मांगा
विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा, क्या आप कोटेड दवाइयों को बैन नहीं कर रहे… वहीं दवाइयों का विक्रय प्रदेश के अस्पतालों में हो रहा है… क्या गेस्ट्रो की दोनों दवाइयों का फार्मूला एक है ? जब गुजरात में यह दवाई बैन है तो यहां बैन क्यों नहीं किया गया.? वहां की रिजेक्टेड दवाइयों को छत्तीसगढ़ में क्यो खपाया जा रहा हैं और ब्लैकलिस्टेड कंपनी से दवाई क्यों खरीदी गई..
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब में कहा दोनों ही दवाइयां अलग है प्रोसेस भी अलग है.. उसके कोंपोनेंट एक हैं… लेकिन उस दवाई को बैन कर दिया गया है जिसको लेकर आपत्ति जताई गई थी… जो दवा खरीदी गई हैं वह प्रतिबंधित नहीं है…
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने माना- गुजरात में यूनिक्योर की कुछ एस्पिरिन दवाएं ब्लैकलिस्ट हुई थीं।
मंत्री बोले- 25 मार्च 2026 को सीजीएमएससी को कंपनी की सूचना प्राप्त हुई थी।
सरकार का दावा- छत्तीसगढ़ में ब्लैकलिस्टेड दवा की खरीद नहीं की गई।
मंत्री ने कहा- छत्तीसगढ़ के लिए जारी ऑर्डर अलग श्रेणी की एस्पिरिन टैबलेट का था।
गुजरात में प्रतिबंधित दवा और सीजीएमएससी की खरीदी गई दवा अलग-अलग थी।
जनहित में यूनिक्योर की एस्पिरिन 75 द्वद्द (अनकोटेड) के खरीद आदेश रद्द किए गए।
सीजीएमएससी ने यूनिक्योर के साथ दर अनुबंध भी निरस्त कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- गुणवत्ता संबंधी सूचना मिलते ही एहतियाती कार्रवाई की गई।
विपक्ष ने दवा खरीद प्रक्रिया और जवाबदेही पर सरकार को घेरा।



















