Vedic Astrology Rings: वैदिक ज्योतिष में हाथ की प्रत्येक उंगली का संबंध किसी ना किसी ग्रह से माना गया है. मान्यता है कि सही उंगली में सही रत्न धारण करने से संबंधित ग्रह की शुभता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. अंगूठे से लेकर कनिष्ठा उंगली तक हर उंगली का अपना अलग ज्योतिषीय महत्व है, लेकिन बिना उचित सलाह के रत्न धारण करना लाभ के बजाय हानि भी पहुंचा सकता है. आखिर किस उंगली का संबंध सूर्य, गुरु, शनि, बुध और अन्य ग्रहों से माना गया है? किस रत्न को किस उंगली में पहनना शुभ होता है और इसके पीछे क्या है वैदिक ज्योतिष का आधार? आइए जानते हैं इस विषय से जुड़े धार्मिक और ज्योतिषीय नियम.

तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) – बृहस्पति
तर्जनी यानी अंगूठे के ठीक बगल वाली उंगली बृहस्पति ग्रह से जुड़ी है, जो ज्ञान, विद्या, विकास, नेतृत्व के कारक ग्रह हैं. पारंपरिक वैदिक ज्योतिष में, इस उंगली में सोने की अंगूठी या पीला नीलम (पुखराज) पहनना जाता है. ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और सौभाग्य, धर्म, ज्ञान, धन और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.

मध्यमा (मिडिल फिंगर) – शनि
मध्यमा यानी बीच वाली उंगली का संबंध न्याय व कर्म के देवता शनिदेव से है. इस उंगली को स्थिरता और शक्ति से संबंधित कहा जाता है. इसलिए, यह उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उंगली है, जो दीर्घकालिक सफलता और स्थिरता चाहते हैं. शनि की वजह से यह उंगली आपके जीवन में स्थिरता और अनुशासन लाती है.

अनामिका (रिंग फिंगर) – सूर्य
अनामिका यानी छोटी उंगली के पास वाली उंगली का संबंध ग्रहों के राजा सूर्यदेव से है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अनामिक उंगली में मूंगे को तांबे या सोने में जड़वाकर पहनना चाहिए. मूंगे वाली अगूंठी को मंगलवार के दिन धारण कर सकते हैं. अधिकांश संस्कृतियों में सगाई या शादी की अंगूठी इसी में पहनी जाती है क्योंकि यह उंगली प्रेम और प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

कनिष्ठा (लिटिल फिंगर) – बुध
कनिष्ठा उंगली को सबसे छोटी वाली उंगली कहा जाता है और इसे लिटिल फिंगर के साथ पिंकी फिंगर भी कहा जाता है. इस उंगली का संबंध ग्रहों के राजकुमार बुध देव से है. बुध ग्रह की वजह से यह उंगली संचार, बुद्धि और व्यापार का प्रतीक है. लिटिल फिंगर में मोती, पन्ना या चांदी की अंगूठी पहनी जाती है. इसे आप बुधवार के दिन धारण कर सकते हैं.

अंगूठा – शुक्र
अंगूठे का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जो भौतिक सुख-सुविधा, ऐश्वर्य, सुंदरता, आराम, रिश्तों, विलासिता के कारक ग्रह हैं. शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए आमतौर पर हीरा पहना जाता है. शुक्रवार के दिन सोने या प्लैटिनम में जड़वाकर हीरा पहना जाना शुभ माना जाता है.

ज्योतिषी परामर्श आवश्यक
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, उंगली में अगूंठी या रत्न पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली का अध्ययन किया जाता है. इसके बाद ही उंगली में अगूंठी धारण करनी चाहिए. सही जानकारी के अभाव में गलत रत्न या धातु धारण करने से विपरीत परिणाम भी मिल सकते हैं.

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30