PoJK Violence: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला भारत से मदद की अपील करती नजर आ रही है। महिला ने दावा किया है कि इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की वेरिफिकेशन और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला ने वीडियो में भावुक अपील करते हुए कहा कि “पाकिस्तानी फोर्स हमारे लोगों और बच्चों को मार रही है। PoJK की जमीन खून से लाल हो गई है। भारत हमारी मदद करे।” यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब PoJK के कुछ इलाकों में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं।
Mirpur और Rawalakot में प्रदर्शन का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, PoJK के मीरपुर और रावलाकोट क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं। दावों के मुताबिक, करीब 40 से 50 मोटरसाइकिलों पर सवार प्रदर्शनकारियों का एक समूह रावलाकोट की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह मार्च मुजफ्फराबाद तक पहुंचने वाले बड़े प्रदर्शन का हिस्सा था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मीरपुर बाजार क्षेत्र में सुरक्षा बलों की ओर से फायरिंग की गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। हालांकि, इन घटनाओं और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पतालों को लेकर भी लगाए गए आरोप
प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि मीरपुर के जिला अस्पताल में मृतकों के शव रखे गए हैं और परिवारों को उनसे मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रावलाकोट में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और घायलों के इलाज को लेकर विवाद की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई घायल लोगों को अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में इलाज कराना पड़ रहा है।
स्थानीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बड़ी संख्या में लोग अभी भी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि रास्तों को बंद करने के लिए सुरक्षा बलों ने बैरिकेड, रेत की बोरियों से बने मोर्चे और अन्य अवरोध लगाए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या, मौतों के आंकड़े और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।



















